ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका ने अपने पायलटों को बचाने की आड़ में ईरान के संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को चुराने की साजिश रची थी। यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पायलटों को सुरक्षित निकालने के ऑपरेशन को पूरी तरह सफल और बेहतरीन बताया था।

क्या है ईरान का आरोप और इस पूरे मिशन की सच्चाई?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 6 अप्रैल को कहा कि इसफहान में हुए रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उनके अनुसार यह संभव है कि अमेरिका ने पायलट को बचाने का नाटक किया ताकि वह परमाणु ठिकानों तक पहुंच सके। बघाई ने यह भी साफ किया कि पायलटों की मौजूदगी वाली जगह और अमेरिकी बलों के उतरने की जगह में काफी अंतर था। ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है और इसे पूरी तरह से अनुचित बताया है।

इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया आई है?

प्रेसिडेंट ट्रंप इस मिशन की सफलता पर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जबकि इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उन्हें इसके लिए बधाई दी है। वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने चेतावनी दी है कि ईरान के पास अब भारी मात्रा में यूरेनियम जमा हो गया है जो सैन्य उपयोग के करीब है। इसी बीच ईरान के एक बड़े जनरल माजिद खदेमी की हत्या की खबर भी आई है जिसका आरोप ईरान ने अमेरिका और इस्राइल पर लगाया है।

तारीख मुख्य घटना
2 अप्रैल 2026 अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E को मार गिराया गया
4 अप्रैल 2026 अमेरिका ने दो क्रू सदस्यों के रेस्क्यू की पुष्टि की
6 अप्रैल 2026 ईरान ने यूरेनियम चोरी की साजिश का आरोप लगाया
6 अप्रैल 2026 जनरल माजिद खदेमी की हत्या की रिपोर्ट सामने आई