ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि फार्स प्रांत के लामेर्द (Lamerd) में एक स्पोर्ट्स हॉल पर हुए मिसाइल हमले के पीछे सीधे तौर पर अमेरिका का हाथ था। इस हमले में 24 आम नागरिकों की जान चली गई थी, जिसमें वालीबॉल खेलने वाली किशोर लड़कियां और दो साल का एक मासूम बच्चा भी शामिल था। ईरान ने इस पूरी घटना को अमेरिका का एक सोचा-समझा ‘युद्ध अपराध’ करार दिया है और न्याय की मांग की है।

ईरान के अधिकारियों ने हमले को लेकर क्या बड़े दावे किए हैं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि यह हमला कोई तकनीकी गलती नहीं थी, बल्कि एक नई मिसाइल प्रणाली की विनाशकारी क्षमता को परखने का अमेरिका का फैसला था। उनके अनुसार, मिसाइल हवा में ही फट गई जिससे लगभग 1,80,000 टंगस्टन के छर्रे तेजी से फैले और वहां मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत Amir-Saeid Iravani ने बताया कि हमले के वक्त एक महिला वालीबॉल टीम स्पोर्ट्स हॉल में मौजूद थी। स्वतंत्र विश्लेषकों और कुछ मीडिया रिपोर्टों में भी यह बात सामने आई है कि हमले में अमेरिका की प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM) का इस्तेमाल किया गया था।

अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने इन आरोपों पर क्या सफाई दी है?

दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता Tim Hawkins ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी सैन्य विभाग का कहना है कि उस समय इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना ने कोई भी हमला या सैन्य कार्रवाई नहीं की थी। अमेरिकी प्रवक्ता ने दावा किया कि हमले में इस्तेमाल हुआ हथियार ईरान की अपनी खुद की होवेइज़ह (Hoveyzeh) क्रूज मिसाइल जैसा दिखाई देता है। अमेरिका ने साफ किया कि उनकी सेना आम नागरिकों को कभी भी निशाना नहीं बनाती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लामेर्द स्पोर्ट्स हॉल पर यह हमला कब हुआ था?

ईरान के फार्स प्रांत में स्थित लामेर्द स्पोर्ट्स हॉल पर यह कथित मिसाइल हमला 28 फरवरी 2026 को हुआ था, जिसके बाद अब ईरान ने अमेरिका पर औपचारिक आरोप लगाए हैं।

इस मिसाइल हमले में कुल कितने लोग प्रभावित हुए थे?

ईरानी अधिकारियों के दावों के अनुसार, इस हमले में 24 नागरिकों की मौत हुई थी और 130 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।