ईरान का बड़ा आरोप, कहा- पश्चिमी देश हथियार देकर इसराइल के अपराधों में सीधे तौर पर शामिल.

ईरान के सरकारी मीडिया IRNA News Agency ने 23 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि इसराइल को लगातार हथियार देना सीधे तौर पर उसके अपराधों में शामिल होने के बराबर है। ईरान का यह आधिकारिक रुख देश के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi की ओर से 22 अगस्त 2026 को दिए गए बयानों के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि पश्चिमी देश अपनी मर्जी से इसराइल को सैन्य सहायता और हथियार दे रहे हैं।
मंत्री काज़िम गरीबबाबादी की यह टिप्पणियां ब्रिटेन और फ्रांस के सौ से अधिक अनुभवी राजनयिकों के एक बड़े कदम के बाद आईं। इन अधिकारियों ने अपनी सरकारों को सामूहिक रूप से चेतावनी दी थी कि इसराइल की मौजूदा नीतियों के कारण फिलिस्तीन में जातीय सफाए और उसे पूरी तरह मिटाने का खतरा पैदा हो गया है। राजनयिकों के इस समूह ने अपनी सरकारों से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने हथियारों की सप्लाई पूरी तरह बंद करने, अवैध बस्तियों के साथ व्यापार पर रोक लगाने और हेग अदालतों के फैसलों को सख्ती से लागू करने की बात कही थी।
ईरान ने पश्चिमी देशों की भूमिका पर उठाए सवाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही इन कानूनी जवाबदेही की मांगों के जवाब में ईरान ने आधिकारिक तौर पर दोहराया है कि हथियारों के ट्रांसफर को रोकने में नाकाम रहना इस संघर्ष में सीधे तौर पर साथ देने जैसा है। ईरानी सरकार का साफ मानना है कि पश्चिमी ताकतों की तरफ से मिलने वाला यह समर्थन फिलिस्तीन में इसराइल की हरकतों को और बढ़ावा देता है, जिससे वहां मानवीय संकट दिन-प्रतिदिन और अधिक गंभीर होता जा रहा है। ईरान का यह भी कहना है कि इस तरह के सहयोग से क्षेत्र में शांति की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो रही हैं और युद्ध के हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं।