ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद इब्न-अल-रेजा ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने 20 जुलाई 2026 को कहा कि वैश्विक प्रतिबंधों और युद्ध जैसी स्थितियों ने ईरान की रक्षा तकनीक के विकास की गति को काफी तेज कर दिया है। उन्होंने संसद की शिक्षा, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी समिति की बैठक के दौरान यह बात रखी।
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तकनीकी विकास और रक्षा उद्योग
मंत्री के अनुसार, प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने अपनी क्षमता और बुद्धि से दुनिया को हैरान किया है। मंत्रालय की रणनीति पूरी तरह से स्वदेशी ज्ञान और देश के युवाओं की प्रतिभा पर टिकी है। ईरान ने 12-डे और रमजान युद्ध के दौरान अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने वाले विरोधियों का सामना सफलता के साथ किया।
युद्ध के दौरान उत्पादन में बढ़ोतरी
रक्षा मंत्रालय ने इस संघर्ष को इंजीनियरों और तकनीक विशेषज्ञों के बीच का मुकाबला बताया। मंत्रालय की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि युद्ध के समय मिसाइल, ड्रोन और अन्य सैन्य उपकरणों के उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। इस रक्षा उद्योग को ही अब देश की ताकत और सुरक्षा का मुख्य आधार माना जा रहा है, जिससे दुश्मन की भौगोलिक दूरी को भी तकनीक के जरिए कम किया गया है।
