अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। 10 जून 2026 को अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने अपने दक्षिणी बुशहर प्रांत के असालुयेह शहर सहित कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। इस जवाबी कार्रवाई में ईरान की आईआरजीसी (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
अमेरिका ने ईरान पर क्यों किए हवाई हमले?
अमेरिकी सेना ने यह कार्रवाई 8 जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरानी ड्रोन द्वारा गिराए जाने के जवाब में की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे आत्मरक्षा में किया गया हमला बताया है। इस हमले में ईरान के तटीय इलाकों और कश्म द्वीप (Qeshm Island) पर स्थित लगभग 20 ठिकानों जैसे रडार साइटों और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि वे ईरान पर और भी कड़े हमले जारी रखेंगे।
ईरान का बड़ा पलटवार: कुवैत और बहरीन के सैन्य ठिकानों पर दागी मिसाइलें
अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए बड़ा पलटवार किया। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के बेस (NSA Bahrain), कुवैत में अली अल-सलेम एयर बेस (Ali Al-Salem Air Base) और जॉर्डन में अल-अज़राक एयर बेस (Al-Azraq Air Base) को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान की सेना का दावा है कि उसने अमेरिकी सेना के 21 ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं जॉर्डन की सेना ने अपने क्षेत्र में ईरान की तरफ से दागी गईं 5 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या होगा असर?
इस भारी सैन्य तनाव के कारण बहरीन, कुवैत और आसपास के खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। इन देशों में लाखों की संख्या में भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासी रहते हैं और काम करते हैं। हालांकि अभी तक उड़ानों या दैनिक जीवन पर किसी बड़े प्रतिबंध की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट पर हैं और प्रवासियों को स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने किस वजह से अपना एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव किया है?
अमेरिका द्वारा ईरान के तटीय क्षेत्रों में लगभग 20 सैन्य ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद, ईरान ने सुरक्षा के लिहाज से असालुयेह और तेहरान सहित कई शहरों में अपने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में किन देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है?
ईरान की सेना (IRGC) ने जवाबी हमला करते हुए बहरीन के एनएसए बहरीन, कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस और जॉर्डन के अल-अज़राक एयर बेस पर मिसाइलें दागी हैं।
