अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। 26 मई 2026 को ईरान के IRGC एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर Seyed Majid Moosavi ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन जारी रखा, तो ईरान की सेना इसका तुरंत और कड़ा जवाब देगी। दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल 2026 से एक नाजुक संघर्षविराम लागू है, लेकिन हालिया घटनाओं से दोनों पक्षों में तनाव काफी बढ़ गया है।

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ईरान के सैन्य कमांडर ने चेतावनी में क्या कहा?

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एयरोस्पेस कमांडर Seyed Majid Moosavi ने स्पष्ट किया है कि उनकी वायु सेना पूरी तरह से मुस्तैद है और किसी भी अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार खड़ी है। उन्होंने बताया कि वे अपने सुप्रीम कमांडर के अंतिम आदेश का इंतजार कर रहे हैं। कमांडर ने बातचीत की कोशिशों की आलोचना करते हुए कहा कि दुश्मन के साथ बातचीत करना केवल नुकसान का सौदा है। IRGC ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान के तेल टैंकर और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जा रहे एक दूसरे जहाज को निशाना बनाया है, जो सीजफायर नियमों का सीधा उल्लंघन है।

अमेरिकी सेना और CENTCOM का क्या है दावा?

दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिणी ईरान में अपनी हवाई कार्रवाई की बात स्वीकार की है। अमेरिका का दावा है कि उन्होंने आत्मरक्षा में ये हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही IRGC की नौसेना की नावों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे इस सीजफायर उल्लंघन के बावजूद समझौते को पूरी तरह खत्म नहीं मानते हैं और बातचीत का रास्ता अब भी खुला है। अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि लेबनान इस सीजफायर समझौते के दायरे में नहीं आता है।

क्या फिर से छिड़ सकती है दोनों देशों में बड़ी जंग?

ईरान की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की सेना ने हाल ही में अमेरिका के एक MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है और एक अन्य RQ-4 ड्रोन व F-35 लड़ाकू विमान पर भी गोलीबारी की है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक ड्रोन गिराए जाने के दावों पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। 8 अप्रैल से शुरू हुआ सीजफायर अभी तक पूरी तरह से टूटा नहीं है, लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़ते अविश्वास और लगातार हो रही झड़पों के कारण शांति वार्ता के सफल होने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर कब शुरू हुआ था?

दोनों देशों के बीच यह नाजुक सीजफायर समझौता 8 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ था, जो लगातार झड़पों के बावजूद अभी तक बना हुआ है।

ईरान ने अमेरिका के कौन से विमानों को निशाना बनाने का दावा किया है?

ईरान की सेना ने अमेरिका के एक MQ-9 ड्रोन को मार गिराने और एक अन्य RQ-4 ड्रोन व F-35 लड़ाकू विमान पर गोलीबारी करने का दावा किया है।