दुनियाभर के बड़े मुस्लिम विद्वानों और मुफ्तियों ने ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर किए गए सैन्य हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। विद्वानों का कहना है कि यह हमला इस्लामी भाईचारे के खिलाफ है और पड़ोसियों के साथ एक बड़ा विश्वासघात है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूनाइटेड नेशंस मानवाधिकार परिषद में ईरान की सैन्य गतिविधियों को लेकर गंभीर चर्चा हुई है। सऊदी अरब, UAE और कुवैत जैसे देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों की सुरक्षा के लिहाज से इन हालातों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

मुस्लिम विद्वानों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का पक्ष

इस्लामी दुनिया के वरिष्ठ विद्वानों ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी देशों और अन्य अरब देशों पर ईरान के हमले उम्मा के साथ धोखा हैं। संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई है जहाँ खाड़ी देशों ने ईरान को अपने अस्तित्व के लिए खतरा बताया है। UN के मानवाधिकार प्रमुख ने संकेत दिया है कि ये हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं क्योंकि इनमें नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है।

  • कुवैत के राजदूत ने कहा कि ईरान का रवैया अंतरराष्ट्रीय कानूनों और देशों की संप्रभुता को नुकसान पहुँचा रहा है।
  • Human Rights Watch ने आम नागरिकों और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों पर गहरी चिंता जताई है।
  • UAE के विदेश मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि उनका देश किसी भी तरह की धमकी या ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकेगा।
  • ईरान के सुरक्षा विशेषज्ञों ने बहरीन और UAE के तटों पर कब्जे की धमकी देकर तनाव को और बढ़ा दिया है।

खाड़ी देशों में सुरक्षा की ताजा स्थिति और हमले का असर

पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। सऊदी अरब की वायु सेना ने देश के पूर्वी हिस्से में 33 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है। वहीं बहरीन में हुए एक मिसाइल हमले में एक नागरिक की जान चली गई है और कई अन्य लोग घायल हुए हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा रणनीति में ईरान से मिलने वाली चुनौतियों को केंद्र में रखा है।

घटना का प्रकार स्थान मुख्य विवरण
ड्रोन इंटरसेप्शन Saudi Arabia पूर्वी प्रांत के ऊपर 33 ड्रोन नष्ट किए गए
मिसाइल हमला Bahrain एक कॉन्ट्रैक्टर की मौत और 5 सरकारी कर्मचारी घायल
सैन्य दावे Iran Kuwait और Jordan में सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा
सुरक्षा अलर्ट UAE सरकारी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा कड़ी की गई

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सेना की मौजूदगी वाले बेस को निशाना बनाया है। हालांकि ईरान इन हमलों को अपनी रक्षा के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन अरब जगत के विद्वान इसे आपसी संबंधों में दरार और गद्दारी मान रहे हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल सामान्य सावधानी बरतने की सलाह दी है।