ईरान सरकार ने Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) के रास्ते मानवीय सहायता और खेती से जुड़े सामान ले जाने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर अपनी सहमति दे दी है। यह जानकारी 28 मार्च 2026 को सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के राजदूत Ali Bahreini ने कहा कि ईरान मानवीय सहायता और खेती से जुड़े सामानों के मूवमेंट को और तेज करने के लिए तैयार है। यह फैसला दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी राहत लेकर आया है।

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इस फैसले से किन चीजों के व्यापार पर पड़ेगा असर?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यहाँ से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इसके अलावा दुनिया के करीब 30 प्रतिशत खाद (Fertilizer) का व्यापार भी इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर है। पिछले एक महीने से चल रहे संघर्ष की वजह से इन सामानों की सप्लाई में काफी दिक्कतें आ रही थीं। अब ईरान की इस सहमति के बाद जरूरी सामानों और खेती से जुड़ी चीजों को बिना किसी देरी के पहुंचाया जा सकेगा। यह कदम ग्लोबल फूड सिक्योरिटी को बनाए रखने के लिए अहम है।

समझौते की मुख्य बातें और आधिकारिक जानकारी

UN में ईरान के राजदूत Ali Bahreini ने इस फैसले को मानवीय मदद की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान चाहता है कि जरूरी मदद बिना किसी देरी के उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इस पूरे मामले को लेकर UN की एक टास्क फोर्स पहले ही बनाई जा चुकी थी, जो युद्ध के कारण पैदा हुए सप्लाई चेन संकट को कम करने पर काम कर रही है।

  • ईरान ने यह फैसला United Nations के खास अनुरोध के बाद लिया है।
  • Strait of Hormuz से गुजरने वाले मानवीय सहायता वाले जहाजों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • इससे वैश्विक खेती और खाद्य सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा काफी हद तक कम होगा।
  • राजदूत के अनुसार, ईरान मानवीय कोशिशों को हर संभव समर्थन देने के लिए तैयार है।
  • यह समझौता 28 मार्च 2026 की रिपोर्ट के बाद से चर्चा में आया है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.