ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर बड़ी खबर आ रही है। चर्चा है कि ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करने के बजाय उसे लंबे समय के लिए फ्रीज करने पर राजी हो गया है। हालांकि, इसी बीच UAE के बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमलों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है।

अमेरिका ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखीं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान के पास समझौता करने का यह आखिरी मौका है। अमेरिका की शर्तें काफी सख्त हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान केवल एक परमाणु साइट चालू रखे और अपना सारा हाई एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे। साथ ही, अमेरिका ने प्रस्ताव दिया है कि वह ईरान की जमी हुई संपत्ति का 25 प्रतिशत से कम हिस्सा ही वापस करेगा।

ईरान का क्या कहना है और UAE में क्या हुआ?

ईरान ने परमाणु केंद्रों को पूरी तरह नष्ट करने वाली शर्तों को खारिज कर दिया है। ईरान की मांग है कि सभी मोर्चों पर युद्ध बंद हो। दूसरी तरफ, 17 और 18 मई को UAE के बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमले हुए। अधिकारियों ने इसे एक बिना उकसावे वाला आतंकी हमला बताया है। इस घटना के बाद IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने गहरी चिंता जताई है और ईरान से बातचीत करने की अपील की है।

समझौते में किन देशों की क्या भूमिका है?

  • पाकिस्तान: अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का काम कर रहा है।
  • इजराइल: अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर दबाव बना रहा है ताकि परमाणु बुनियादी ढांचा खत्म हो।
  • IAEA: परमाणु सुरक्षा की निगरानी कर रहा है और सैन्य हमलों के प्रति चेतावनी दे रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान पूरी तरह से अपना परमाणु प्रोग्राम बंद कर रहा है?

नहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पूरी तरह dismantling के बजाय लंबे समय के लिए न्यूक्लियर फ्रीज करने पर विचार कर रहा है।

UAE के न्यूक्लियर प्लांट पर हमले का असर क्या होगा?

बराका पावर प्लांट पर हुए हमलों से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और IAEA ने चेतावनी दी है कि सैन्य गतिविधियों से परमाणु सुरक्षा को खतरा हो सकता है।