ईरान के अहवाज़ शहर में 16 जुलाई 2026 को उस समय अफरातफरी मच गई जब अमेरिकी हवाई हमलों के बाद बच्चों के एक कैंसर अस्पताल को खाली कराना पड़ा। शाहिद बघाई अस्पताल के पास जोरदार धमाके होने के बाद 211 मरीजों को वहां से तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी बच्चे को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा है।
🚨: Gulf Tension: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, खाड़ी देशों में सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले.।
हमले के बाद अस्पताल की स्थिति
अस्पताल के निदेशक Majid Bouadhar ने बताया कि हमलों के डर से अस्पताल को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के Hossein Kermanpour ने जानकारी दी कि डर की वजह से मरीज अस्पताल छोड़कर भागने लगे, जिसके बाद सिर्फ गंभीर रूप से बीमार लोगों को ही वहां रखा गया था। CENTCOM ने पुष्टि की है कि ये हमले ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाने के लिए किए गए, जिनका उपयोग हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को रोकने के लिए किया जा रहा था।
तनाव और जवाबी कार्रवाई
ईरान के अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में देश भर में 35 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमले के जवाब में ईरान के IRGC ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इसके अलावा, ईरान ने खूज़ेस्तान प्रांत के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। अमेरिकी सेना ने भी कार्रवाई करते हुए ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश करने वाले एक तेल टैंकर M/T Belma को मिसाइल से निशाना बनाया।
