ईरान में अचानक तनाव बढ़ गया है और हालात काफी गंभीर हो गए हैं। 7 मई 2026 को ईरान ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्टिव कर दिया। अमेरिका ने ईरान के महत्वपूर्ण बंदरगाहों पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइलें दागी हैं। इस खबर के बाद पूरे खाड़ी इलाके में खलबली मची हुई है और लोग डरे हुए हैं।
ईरान में कहाँ हुए हमले और क्या कार्रवाई हुई?
ईरान के कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। पश्चिमी तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम को चालू किया गया ताकि दुश्मन के टारगेट को रोका जा सके। बंदर अब्बास और केश्म आइलैंड पर भी धमाके हुए। ईरान की समाचार एजेंसियों जैसे मेहर और तस्नीम ने बताया कि वहां कुछ दुश्मन ड्रोन और छोटे हवाई वाहनों को मार गिराया गया।
- बंदर अब्बास और केश्म आइलैंड: यहाँ एयर डिफेंस ने ड्रोन को हवा में ही खत्म कर दिया।
- बहमन पियर: केश्म आइलैंड के इस हिस्से को हमले में निशाना बनाया गया।
- मिसाइल हमला: ईरान ने 호र्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मौजूद दुश्मन यूनिट्स पर मिसाइलें दागीं।
अमेरिका और अन्य देशों का इस विवाद में क्या रोल है?
एक अमेरिकी अधिकारी ने फॉक्स न्यूज को बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के केश्म पोर्ट और बंदर अब्बास पर हमले किए। इससे पहले 6 मई को अमेरिकी कमांड ने ओमान की खाड़ी में ईरान के एक तेल टैंकर को भी रोका था। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे युद्ध जीतने की स्थिति में हैं और ईरान के साथ बातचीत भी चल रही है, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो बमबारी जारी रहेगी।
इस बीच सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिकी सेना को अपने मिलिट्री बेस और हवाई क्षेत्र इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। दूसरी तरफ तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि केश्म आइलैंड के पियर पर हमले के पीछे UAE का हाथ हो सकता है। हालांकि UAE ने 4 मई को ईरान से आई चार क्रूज मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया था। इसी दौरान हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच भी संघर्ष जारी रहा और दोनों तरफ से हमले हुए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम क्यों एक्टिव किया?
ईरान ने 7 मई 2026 को अमेरिका द्वारा केश्म पोर्ट और बंदर अब्बास पर किए गए हमलों के जवाब में अपने एयर डिफेंस सिस्टम चालू किए और दुश्मन ड्रोन को मार गिराया।
खाड़ी देशों पर इस तनाव का क्या असर पड़ा?
सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिकी सेना को अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी है, जबकि UAE ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है जिससे पूरे क्षेत्र में सैन्य हलचल बढ़ गई है।