ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को आधिकारिक तौर पर उन मीडिया रिपोर्ट्स के बारे में जानकारी दी है जिनमें उसके बड़े नेताओं की हत्या की साजिश रचने का दावा किया गया है। इन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिका और इज़राइल ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Baqer Ghalibaf और विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। ईरान के राजदूत Amir Saeed Iravani ने UN महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन बताया है।

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इस पूरी घटना और हत्या की साजिश के पीछे क्या है मुख्य जानकारी?

ईरान की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार अमेरिकी और इज़राइली शासन ने उच्च पदस्थ ईरानी अधिकारियों को अपने निशाने पर रखा है। यह पत्र 27 मार्च 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के बाद भेजा गया है। राजदूत Iravani के अनुसार किसी भी प्रकार का हमला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों और UN चार्टर के खिलाफ होगा।

  • पाकिस्तान ने इस मामले में मध्यस्थता करते हुए अमेरिका को इन हमलों से बचने की सलाह दी थी।
  • रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि अगर इन नेताओं को हटाया गया तो बातचीत के रास्ते बंद हो जाएंगे।
  • ईरान का कहना है कि इन योजनाओं का निलंबन केवल अस्थायी है और खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
  • इज़राइल ने कथित तौर पर ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei को भी अपनी लिस्ट में शामिल किया है।

अमेरिका और अन्य देशों का इस विवाद पर क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका ने सैन्य रूप से ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी और इज़राइली हमलों ने ईरान की मिसाइल और नौसैनिक क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने समझौते के लिए 6 अप्रैल तक की समय सीमा बढ़ा दी है और चेतावनी दी है कि डील न होने पर परिणाम गंभीर होंगे।

पक्ष ताज़ा बयान और स्थिति
ईरान (विदेश मंत्री) अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से इनकार किया और प्रतिरोध जारी रखने की बात कही।
पाकिस्तान मिस्र और तुर्की के साथ मिलकर तेहरान और वाशिंगटन के बीच मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है।
ईरान (संसद अध्यक्ष) ऊर्जा ठिकानों पर हमले के बाद अब ‘जैसे को तैसा’ वाली नीति लागू करने का बयान दिया।
अमेरिका सफेद सदन ने पुष्टि की है कि ट्रंप अभी भी ईरान के साथ बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।

क्या भविष्य में बातचीत की कोई संभावना बची है?

ईरान के विदेश मंत्री Araghchi ने 26 मार्च 2026 को स्पष्ट कर दिया था कि उनका अमेरिका के साथ बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान जैसे देश कोशिश कर रहे हैं कि तनाव और न बढ़े। पाकिस्तानी अधिकारियों का मानना है कि राजनयिकों को निशाना बनाने से क्षेत्र में शांति की बची हुई उम्मीदें भी खत्म हो सकती हैं। फिलहाल ईरान ने अपनी सुरक्षा को लेकर UN को सतर्क कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।