ईरान के पूर्व सुरक्षा परिषद सचिव Ali Larijani की मौत के बाद देश के राजनीतिक सिस्टम में बड़ा बदलाव आया है। इजराइल के हमले में उनकी जान गई थी, जिसे ईरान ने एक बड़ा राष्ट्रीय नुकसान बताया है। अब उनकी जगह नए चेहरों की एंट्री हुई है जिससे देश की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है।
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अली लारीजानी की मौत का ईरान पर क्या असर हुआ?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अली लारीजानी की मौत पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि लारीजानी सिर्फ एक अधिकारी नहीं थे, बल्कि वो देश के एक बड़े बुद्धिजीवी और राष्ट्रीय स्तंभ थे। 28 अप्रैल 2026 को उनकी मृत्यु के 40वें दिन पर दिए बयान में विदेश मंत्री ने उन्हें साहस, धैर्य और बुद्धिमानी का प्रतीक बताया। रूस में तैनात ईरानी राजदूत Kazem Jalali ने भी कहा कि लारीजानी ने अपना पूरा जीवन ईरान की सेवा और कुर्बानी में लगा दिया।
सत्ता में क्या बदलाव आए और किसका प्रभाव बढ़ा?
अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव हुए हैं। अब Mohammad Bagher Zolghadr को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) का नया सचिव बनाया गया है। इस फैसले से Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का प्रभाव और ज़्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा, Ayatollah Ali Khamenei के निधन के बाद Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है।
इजराइल और अमेरिका के साथ तनाव की क्या स्थिति है?
अली लारीजानी की मौत 17 मार्च 2026 को तेहरान के पास हुए एक इजरायली हमले में हुई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव को और बढ़ा दिया है। इसी बीच 27 अप्रैल 2026 को विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की, ताकि इस क्षेत्रीय संघर्ष के बीच कूटनीतिक रास्ते तलाशे जा सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अली लारीजानी की मृत्यु कब और कैसे हुई?
अली लारीजानी की मृत्यु 17 मार्च 2026 को तेहरान के पास हुए एक इजरायली हमले में हुई थी।
उनके बाद SNSC सचिव के पद पर किसकी नियुक्ति हुई है?
अली लारीजानी के बाद Mohammad Bagher Zolghadr को नया सचिव नियुक्त किया गया है, जिससे IRGC का प्रभाव बढ़ा है।