ईरान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए चीन के कुछ जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दे दी है. यह फैसला दोनों देशों के बीच जलमार्ग के मैनेजमेंट प्रोटोकॉल पर बनी एक आपसी समझ के बाद लिया गया. इस खबर की जानकारी सेमी-ऑफिशियल फारस न्यूज एजेंसी ने 14 मई 2026 को दी है.
जहाजों के गुजरने के लिए क्या हैं नए नियम?
ईरान ने मई 2026 की शुरुआत से समुद्री ट्रैफिक के लिए एक नया रेगुलेटरी सिस्टम लागू किया है. अब किसी भी जहाज को इस रास्ते से गुजरने के लिए पहले से मंजूरी लेनी होगी और अपडेट किए गए नियमों का पालन करना होगा. ये प्रोटोकॉल पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) से जुड़े एक इलेक्ट्रॉनिक पते के जरिए भेजे जाते हैं. इसके साथ ही, IRGC ने चेतावनी दी है कि सभी जहाज केवल तय किए गए समुद्री कॉरिडोर का ही इस्तेमाल करें और रास्ते से बाहर न जाएं.
कौन से जहाज निकले और बड़े नेताओं ने क्या कहा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 मई 2026 के आसपास चीन से जुड़े कम से कम चार जहाज इस रास्ते से गुजरे. इनमें युआन हुआ हू (Yuan Hua Hu) सुपरटैंकर, स्टारवे, डीपब्लू और शियान जियांग कौ शामिल थे. युआन हुआ हू पिछले दो महीने से फंसा हुआ था और अब यह चीन के झोउशान पोर्ट की तरफ जा रहा है. इस घटनाक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बीजिंग के दौरे पर थे, जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ इस रास्ते को खोलने पर चर्चा की थी. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से खुलना चीन के हित में है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज जलडमरूमध्य में चीन के जहाज कब से गुजरने लगे?
चीन से जुड़े जहाजों ने 13 मई 2026 के आसपास इस रास्ते से गुजरना शुरू किया, जिसकी आधिकारिक जानकारी फारस न्यूज एजेंसी ने 14 मई को दी.
ईरान ने जहाजों के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
जहाजों को पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) से पहले अनुमति लेनी होगी और IRGC द्वारा बताए गए तय समुद्री कॉरिडोर का सख्ती से पालन करना होगा.
