मलेशिया के प्रधानमंत्री Anwar Ibrahim ने घोषणा की है कि ईरान ने उनके तेल टैंकरों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान आया है। पीएम ने इस मदद के लिए ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian का शुक्रिया अदा किया है। इस कदम से फंसे हुए जहाजों और उनके क्रू मेंबर्स की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

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ईरान के इस फैसले और मौजूदा स्थिति के मुख्य बिंदु

ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो ‘गैर-शत्रुतापूर्ण’ हैं। हालांकि, इसके लिए ईरानी प्रशासन के साथ तालमेल बिठाना जरूरी है। फरवरी 2026 से इस रास्ते पर भारी पाबंदियां लगी हुई थीं, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है। इस फैसले के बाद अब तेल सप्लाई में सुधार की उम्मीद जगी है।

  • मलेशियाई राहत: पीएम अनवर इब्राहिम ने 26 मार्च को जहाजों की सुरक्षित वापसी की पुष्टि की।
  • मौजूदा संकट: लगभग 1,900 जहाज अब भी इस समुद्री क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
  • सप्लाई पर असर: युद्ध की वजह से रोजाना 11 से 20 मिलियन बैरल तेल की आपूर्ति रुकी हुई है।
  • भारत का प्रयास: भारत पहले ही चर्चा के माध्यम से अपने दो टैंकरों के लिए रास्ता साफ करवा चुका है।

दुनिया भर में तेल सप्लाई और अन्य देशों की कोशिशें

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के अनुसार, वर्तमान स्थिति 1970 के दशक से भी बड़े ऊर्जा संकट की ओर इशारा कर रही है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Prabowo Subianto से मिलकर इस मुद्दे पर आगे की बातचीत करेंगे। इंडोनेशिया के दो Pertamina टैंकर अभी भी वहां फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। अमेरिका ने ईरान को 6 अप्रैल तक की नई समयसीमा दी है, जिससे कूटनीतिक समाधान के लिए थोड़ी जगह बनी है।

  • इंडोनेशिया
  • देश/संस्था ताजा स्थिति
    मलेशिया जहाजों को गुजरने की मिली अनुमति
    दो टैंकर अभी भी फंसे हुए हैं
    IEA ऊर्जा संकट को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की
    अमेरिका हमले की समयसीमा 6 अप्रैल तक बढ़ाई
    Nura Basta

    Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.