पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar ने घोषणा की है कि ईरान ने Strait of Hormuz से 20 पाकिस्तानी जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है। इस फैसले को क्षेत्रीय शांति के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 28 मार्च 2026 को दी गई इस जानकारी के अनुसार, अब पाकिस्तान के जहाज इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल कर सकेंगे जिससे व्यापार में आसानी होगी।

जहाजों के आवागमन के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं?

ईरान ने इस रास्ते से गुजरने के लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं जिनका पालन करना जरूरी होगा। हर दिन केवल दो पाकिस्तानी जहाजों को ही यहां से निकलने की इजाजत दी जाएगी। इसके अलावा, ईरान ने स्पष्ट किया है कि केवल गैर-आक्रामक और मित्र देशों के जहाजों को ही सुरक्षा प्रदान की जाएगी। भारत, चीन, रूस और इराक जैसे देशों को भी इसी तरह की छूट दी गई है।

  • जहाजों को ईरान के अधिकारियों के साथ पहले से तालमेल करना होगा।
  • किसी भी ऐसे जहाज को रास्ता नहीं मिलेगा जो ईरान के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हो।
  • सुरक्षा और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य है।
  • ईरान एक कानून बना रहा है जिसके तहत सुरक्षित रास्ते के लिए 2 मिलियन डॉलर की फीस ली जा सकती है।

इस फैसले से जुड़े मुख्य पक्ष और हालिया अपडेट

इस पूरे घटनाक्रम में कई देशों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। चीन ने इस मामले में मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान की तारीफ की है। वहीं, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री भी तनाव कम करने के लिए बातचीत करने वाले हैं। नीचे दी गई टेबल में आप इस मामले से जुड़ी अहम जानकारियां देख सकते हैं।

संस्था/देश भूमिका/अपडेट
Ishaq Dar (पाकिस्तान) इस फैसले को शांति का अग्रदूत बताया
Abbas Araghchi (ईरान) मित्र देशों के जहाजों को अनुमति देने की पुष्टि की
Multan और P-Akili ये दो पाकिस्तानी जहाज 28 मार्च को रवाना हुए
China बातचीत और शांति प्रयासों का समर्थन किया
United States पाकिस्तान के जरिए ईरान को संदेश भेजने की खबरें
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.