भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने स्पष्ट कर दिया है कि तेहरान अपने लोगों के कानूनी और वैध अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा और यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत की खबरें आ रही हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने बेहद सख्त शर्तें रखी हैं।
ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने क्या कहा?
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने शुक्रवार, 29 मई 2026 को नई दिल्ली में अपनी बात रखते हुए कहा कि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा फिलहाल अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के एजेंडे में शामिल नहीं है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर आगे चलकर एक खास ढांचे के तहत ही चर्चा की जाएगी। राजदूत ने ईरान के कमजोर होने के दावों को खारिज किया और हालिया सैन्य प्रदर्शन का हवाला देते हुए देश की मजबूती की बात की। उन्होंने साफ किया कि भविष्य में होने वाली कोई भी बातचीत केवल आपसी सम्मान पर आधारित होनी चाहिए और इसमें प्रतिबंध या बल प्रयोग की भाषा के लिए कोई जगह नहीं है।
अमेरिका की शर्तें और ईरान की संसद का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते पर अंतिम फैसला लेने के लिए बैठक करेंगे। ट्रंप की शर्तों के अनुसार, ईरान को अपने क्षतिग्रस्त परमाणु केंद्रों से लगभग 900 पाउंड अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को बाहर निकालकर नष्ट करना होगा। इसके अलावा, ईरान को कभी भी परमाणु हथियार न बनाने की गारंटी देनी होगी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत जहाजों के यातायात के लिए खोलना होगा। वहीं दूसरी ओर, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान बातचीत से नहीं बल्कि मिसाइलों से अपनी सुरक्षा और लाभ सुनिश्चित करता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के राजदूत ने यूरेनियम संवर्धन को लेकर क्या रुख अपनाया है?
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने साफ किया है कि ईरान शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा और यूरेनियम संवर्धन के अपने वैध अधिकारों को कभी नहीं छोड़ेगा और यह मुद्दा फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत के एजेंडे में शामिल नहीं है।
अमेरिका ने ईरान के सामने समझौते के लिए क्या मुख्य शर्तें रखी हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शर्त रखी है कि ईरान को अपना लगभग 900 पाउंड अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम नष्ट करना होगा, कभी भी परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत होना होगा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा।