ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रूस में ईरान के राजदूत Kazem Jalali ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने साफ़ कहा कि जो लक्ष्य ट्रंप युद्ध के जरिए हासिल नहीं कर पाए, वे बातचीत के जरिए भी उन्हें नहीं पा सकेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम की समय सीमा खत्म हो चुकी है।

बातचीत और युद्ध पर ईरान का क्या कहना है?

Kazem Jalali ने एक रूसी अखबार Vedomosti को दिए इंटरव्यू में कहा कि सैन्य दबाव का मतलब यह नहीं है कि बातचीत में बढ़त मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में अपने मकसद पूरे नहीं कर पाए। राजदूत के मुताबिक, पहले अमेरिका का मकसद ईरान में शासन बदलना था, लेकिन बाद में वे केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे रास्तों को खोलने तक सिमट गए, जिसमें भी उन्हें कामयाबी नहीं मिली।

डोनाल्ड ट्रंप का प्रस्ताव और ताज़ा हालात

22 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया था कि ईरान के साथ शांति वार्ता संभव है। उन्होंने ईरान को 36 से 72 घंटे का समय दिया था ताकि वे एक ठोस और एकमत प्रस्ताव पेश करें। लेकिन इसी दिन ईरान की IRGC Navy ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नियमों का उल्लंघन करने वाले दो जहाजों को जब्त कर लिया। इससे यह साफ़ है कि बातचीत की कोशिशों के बीच जमीन पर तनाव अब भी बरकरार है।

समझौते के लिए क्या है ईरान की शर्त?

ईरान के राजदूत ने बताया कि वे पहले भी 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर बात कर चुके हैं, लेकिन बाद में बातचीत बंद हो गई। उनका कहना है कि किसी भी समझौते के लिए दोनों पक्षों का फायदा होना जरूरी है। जब तक बातचीत में ‘win-win’ यानी दोनों की जीत वाली स्थिति नहीं बनती, तब तक कोई ठोस नतीजा निकलना मुश्किल है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.