इटली के रोम शहर में एक इंटरनेशनल सेमिनार के दौरान ईरान के राजदूत Mohammad Reza Sabouri ने दुनिया को एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के खिलाफ जो सैन्य रणनीतियां बनाई गई थीं, वे पूरी तरह नाकाम रही हैं। ईरान अपनी सुरक्षा के लिए तैयार है लेकिन बातचीत के दरवाजे भी खुले रखे हुए है।

ईरान के मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम का क्या है मकसद?

राजदूत Mohammad Reza Sabouri ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने मिसाइल और ड्रोन उद्योग को केवल अपनी सुरक्षा और देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए विकसित कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह कदम केवल दुश्मन को रोकने और डर पैदा करने के लिए उठाया गया है। ईरान ने यह भी कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है, बशर्ते हमलावर देशों ने अपनी पुरानी गलतियों से सबक लिया हो और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन किया हो।

क्या ईरान सिर्फ तेल और गैस के भरोसे है?

सेमिनार में राजदूत ने यह बात रखी कि ईरान की पहचान सिर्फ उसके तेल और गैस के भंडारों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान की जड़ें एक प्राचीन संस्कृति और स्वतंत्र पहचान में हैं। देश अब अपने दम पर विकसित ज्ञान, नैनोटेक्नोलॉजी और नई तकनीकों पर ध्यान दे रहा है। इस वजह से ईरान अब यूरेशियाई व्यापार (Eurasian trade) में एक बहुत जरूरी पार्टनर के रूप में सामने आ रहा है।

इसके अलावा IRNA की अन्य खबरों में यह भी बताया गया कि भारी उद्योगों को निशाना बनाने के बावजूद दुश्मन देश ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर नहीं कर पाए। साथ ही CNN की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को भी पूरी तरह फेल बताया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के राजदूत ने रोम में क्या बयान दिया?

राजदूत Mohammad Reza Sabouri ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य रणनीतियां फेल हो चुकी हैं और ईरान अब बातचीत के जरिए मसले सुलझाने के लिए तैयार है।

ईरान अपने मिसाइल और ड्रोन क्यों बना रहा है?

ईरान के मुताबिक मिसाइल और ड्रोन का विकास केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने और दुश्मनों को हमले से रोकने (deterrence) के लिए किया जा रहा है।