ईरान का अमेरिका को सख्त संदेश, कहा समय खत्म हो रहा है, बातचीत अब नामुमकिन, लेबनान और ड्रोन मुद्दे पर बढ़ा तनाव
ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका के खिलाफ बहुत सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अब बातचीत का समय खत्म हो रहा है और किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस तनाव की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र में माहौल गरमाया हुआ है, जिसका असर UAE और अन्य पड़ोसी देशों पर भी दिख रहा है।
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ईरान ने अमेरिका पर किन बातों को लेकर आरोप लगाए हैं?
Mohammad Bagher Ghalibaf ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि अमेरिका ने बातचीत शुरू होने से पहले ही तीन बड़े समझौतों को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि लेबनान में युद्धविराम का पालन नहीं हुआ और ईरान के हवाई क्षेत्र में एक ड्रोन घुसाया गया, जिसे फारस प्रांत के लार शहर में मार गिराया गया। साथ ही, अमेरिका ने ईरान के यूरेनियम समृद्ध करने के अधिकार को भी मानने से इनकार कर दिया है।
| उल्लंघन का कारण | विवरण |
|---|---|
| लेबनान युद्धविराम | लेबनान और अन्य इलाकों में तुरंत युद्धविराम की शर्त का पालन नहीं हुआ |
| हवाई क्षेत्र में घुसपैठ | ईरान के लार शहर में एक दुश्मन ड्रोन घुसाया गया और उसे गिराया गया |
| यूरेनियम समृद्ध करना | ईरान के यूरेनियम समृद्ध करने के अधिकार को अमेरिका ने नकारा |
खाड़ी देशों और UAE पर इस तनाव का क्या असर हुआ?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती इस कड़वाहट का असर UAE और अन्य खाड़ी देशों में भी देखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब, कुवैत, कतर और बहरीन में हमले हुए। UAE के Habshan गैस प्लांट में हुए एक हमले से काफी नुकसान हुआ और एक व्यक्ति की जान चली गई। इसके अलावा फुजैराह के ऊपर भी एक ड्रोन देखा गया जिसे एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट किया।
क्या अब बातचीत की कोई गुंजाइश बची है?
ईरान के संसद अध्यक्ष का मानना है कि अब बातचीत करना बेमानी है क्योंकि बुनियादी ढांचा ही खत्म हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरेनियम समृद्ध करने का अधिकार ईरान के लिए गैर-परक्राम्य है, यानी इस पर कोई समझौता नहीं होगा। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और इसराइल का कहना है कि लेबनान का मुद्दा इस युद्धविराम के दायरे में नहीं आता है।




