अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. यूनिवर्सिटी ऑफ तेहरान के प्रोफेसर फोआद इज़ादी ने अल जजीरा को बताया कि ज्यादातर अमेरिकी लोग ईरान के खिलाफ युद्ध का विरोध करते हैं लेकिन फिर भी वे इसका खर्चा उठा रहे हैं. ईरान अब इस युद्ध को खत्म करने और हुए नुकसान के लिए हर्जाना मांग रहा है.

ईरान की मांग और अमेरिका की हालत क्या है?

प्रोफेसर फोआद इज़ादी ने साफ कहा कि ईरान चाहता है कि युद्ध तुरंत रुके और उसे हुए भारी नुकसान का मुआवजा मिले. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बार-बार युद्ध की धमकी दे रहे हैं, जो उनकी कमजोरी को दिखाता है. उनके मुताबिक, ट्रम्प के पास ईरान पर दबाव बनाने का कोई तरीका नहीं बचा है. उन्होंने यह भी बताया कि ईरान पहले बातचीत करना चाहता था, लेकिन बार-बार होने वाले हमलों ने उसे टकराव के लिए मजबूर कर दिया.

क्षेत्र में क्या बड़ी हलचल मची है?

  • अमेरिकी योजना: रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इसराइल ने महमूद अहमदनेजाद को ईरान का नेता बनाने की कोशिश की थी, लेकिन यह प्लान सफल नहीं हुआ.
  • चीन और डील: जब राष्ट्रपति ट्रम्प और सीनेटर जेडी वेंस ईरान के साथ किसी डील पर चर्चा कर रहे थे, तब चीनी सुपरटैंकर होर्मुज से बाहर निकलते देखे गए.
  • IRGC की चेतावनी: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐलान किया है कि अगर अमेरिका ने फिर से हमले किए, तो वे इस युद्ध को इस क्षेत्र के बाहर तक ले जाएंगे.
  • अमेरिकी संसद का रुख: यूएस सीनेट में एक प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया है, जिसका मकसद राष्ट्रपति ट्रम्प की युद्ध छेड़ने की ताकत को कम करना है.

आम लोगों और बुनियादी ढांचे पर क्या असर पड़ा?

प्रोफेसर इज़ादी के मुताबिक हमलों की वजह से ईरान में 1400 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए हैं और हर दिन सैकड़ों लोग प्रभावित हो रहे हैं. वहां के बिजली और पानी जैसे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इसराइल के हमलों ने ईरान के लोगों को एकजुट कर दिया है. उनके अनुसार, बाहरी दुश्मनों के हमले से वहां की जनता अब अपनी सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान अमेरिका से क्या मांग कर रहा है?

ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके खिलाफ युद्ध को तुरंत खत्म करे और हमलों की वजह से हुए भारी नुकसान के लिए हर्जाना दे.

प्रोफेसर फोआद इज़ादी ने अमेरिकी जनता के बारे में क्या कहा?

इज़ादी ने बताया कि ज्यादातर अमेरिकी लोग ईरान के खिलाफ युद्ध का विरोध करते हैं, लेकिन फिर भी वे अपने टैक्स के पैसे से इस युद्ध का खर्च उठा रहे हैं.