Iran के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने Gulf देशों के लिए एक बड़ी राहत की खबर दी है। उन्होंने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि Iran अब अपने पड़ोसी देशों पर मिसाइल या ड्रोन से हमला नहीं करेगा। यह फैसला Iran की Interim Leadership Council द्वारा शुक्रवार को लिया गया और सेना को इसे तत्काल प्रभाव से मानने का आदेश दिया गया है। राष्ट्रपति ने पिछले हफ्ते हुए हमलों के लिए माफ़ी मांगते हुए इसे आपसी गलतफहमी का नतीजा बताया है।

👉: Qatar में बजा खतरे का सायरन, लोगों को घर में रहने का आदेश, सेना ने हवा में मार गिराए 9 ड्रोन

क्या है Iran का नया आदेश?

President Pezeshkian ने साफ किया है कि जब तक किसी पड़ोसी देश की जमीन से Iran पर हमला नहीं किया जाएगा, तब तक Iran उस देश को निशाना नहीं बनाएगा। पहले सेना को ‘fire at will’ यानी अपनी मर्जी से कार्यवाही करने की छूट थी, जिसे अब औपचारिक रूप से वापस ले लिया गया है। यह घोषणा शनिवार, 7 मार्च को की गई। इसका सीधा असर Kuwait, Saudi Arabia और UAE जैसे देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ेगा, जो पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे।

Kuwait और Dubai में क्या हुआ था असर?

इस घोषणा से ठीक पहले शुक्रवार को हालात काफी तनावपूर्ण थे। Kuwait Armed Forces के प्रवक्ता Colonel Saud Al-Atwan ने पुष्टि की है कि सेना ने 12 Iranian drones और 14 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। राहत की बात यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं, शनिवार सुबह Dubai International Airport पर भी कुछ देर के लिए कामकाज रोकना पड़ा था, क्योंकि इंटरसेप्ट किए गए कुछ मलबे एयरपोर्ट के पास गिरे थे। अब इस नए आदेश के बाद उम्मीद है कि हवाई यात्रा और आम जनजीवन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।

युद्ध के बीच कूटनीतिक बदलाव

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब Iran और US-Israel के बीच संघर्ष अपने आठवें दिन में है। राष्ट्रपति ने अमेरिका के सरेंडर वाले बयान को खारिज करते हुए कहा कि यह मुमकिन नहीं है, लेकिन पड़ोसियों के साथ वे शांति चाहते हैं। रविवार, 8 मार्च को Arab League की एक इमरजेंसी मीटिंग भी होने वाली है जिसमें इन हमलों पर चर्चा होगी। Iran का यह कदम यह दिखाता है कि वह Gulf देशों को सीधे तौर पर इस युद्ध से अलग रखना चाहता है, जो वहां रह रहे लाखों कामगारों के लिए सुकून देने वाली बात है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.