Iran News: ईरान में बड़ा राजनीतिक बदलाव, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने मोहसेन रेजाई को सौंपी देश की शीर्ष सुरक्षा की जिम्मेदारी.

ईरान की राजनीति में इस समय एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां देश के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने ईरान के पूर्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC प्रमुख Mohsen Rezaee को एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील पद पर नियुक्त किया है। यह बड़ा फैसला रविवार, 9 अगस्त 2026 को लिया गया, जिसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मोजतबा खामेनेई से जुड़े एक आधिकारिक अकाउंट के माध्यम से साझा की गई। इस नई नियुक्ति के बाद से देश और विदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर काफी तेज हो गया है और हर कोई इस बड़े बदलाव के मायने तलाश रहा है।
मोहसेन रेजाई को मिली दो बड़ी जिम्मेदारियां
सुप्रीम लीडर द्वारा जारी किए गए आधिकारिक फरमान में कहा गया कि डॉक्टर मोहसेन रेजाई के पास लंबा और मूल्यवान अनुभव है, जिसे ध्यान में रखते हुए उन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद यानी Supreme National Security Council (SNSC) में सुप्रीम लीडर का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। आदेश में इस बात का भी विशेष जिक्र किया गया कि मोहसेन रेजाई उन चुनिंदा कमांडरों में शामिल थे जिन्होंने आठ साल तक चले ऐतिहासिक ईरान-इराक युद्ध जिसे देश में Sacred Defence कहा जाता है, के दौरान अपनी सेवाएं दी थीं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं, उसी दिन ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी एक अलग आदेश जारी करते हुए मोहसेन रेजाई को सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का नया सचिव यानी Secretary नियुक्त कर दिया। राष्ट्रपति कार्यालय के संचार और सूचना मामलों के उप प्रमुख Seyed Mehdi Tabatabaei ने राष्ट्रपति के इस फैसले की पुष्टि करते हुए इसकी आधिकारिक घोषणा की। यह नया फेरबदल मोहम्मद बागेर जोलगाद्र के अपने पद से इस्तीफा देने के ठीक बाद सामने आया है, जिसके बाद सुरक्षा से जुड़े इन अहम पदों पर अब रेजाई का कब्जा हो गया है।
लंबा सैन्य और प्रशासनिक अनुभव
मोहसेन रेजाई के पास देश चलाने और सुरक्षा मामलों को संभालने का एक बहुत बड़ा और पुराना अनुभव रहा है। उन्होंने साल 1981 से 1997 तक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं और सेना के भीतर उनका काफी दबदबा माना जाता है। सैन्य मामलों के अलावा वे देश की एक्सपेडिसी डिसर्नमेंट काउंसिल के सदस्य भी हैं और उन्होंने तेहरान विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र विषय में अपनी Ph.D. की डिग्री भी हासिल की है। उनके पास सैन्य रणनीति के साथ-साथ आर्थिक मामलों की भी अच्छी समझ है, जो उन्हें इस नए और बड़े पद पर काम करने में मदद करेगी।
दूसरी ओर, जिन मोहम्मद बागेर जोलगाद्र के इस्तीफे के बाद यह बदलाव हुआ है, उन्हें अब सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई का नया राजनीतिक सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है। ईरान के इन शीर्ष स्तर के पदों पर हुए लगातार बदलावों को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। आम लोग और विश्लेषक अब इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि इन नए चेहरों के आने से ईरान की आंतरिक और बाहरी नीतियों में किस तरह के नए बदलाव देखने को मिलते हैं।