Iran News: ईरान की संसद ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर सेवा शुल्क लगाने के कानून को दी मंजूरी

ईरान की संसद ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नया ड्राफ्ट कानून पास किया है। इस कानून के तहत अंतरराष्ट्रीय जहाजों को समुद्री नेविगेशन, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवाओं के लिए शुल्क देना होगा। रविवार, 23 अगस्त 2026 को ईरान की संसद के नेशनल सिक्योरिटी और फॉरेन पॉलिसी कमीशन ने इस ड्राफ्ट कानून के अनुच्छेद 3 को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। इस नियम के आने से खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करने वाले जहाजों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
कानून का उद्देश्य और पूरी प्रक्रिया
इस प्रस्तावित कानून को 'Strategic Action for Securing and Advancing the Strait of Hormuz' नाम दिया गया है। आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने जानकारी दी कि तय किए गए शुल्क का भुगतान ईरानी रियाल या ईरान द्वारा तय की गई किसी अन्य विदेशी मुद्रा में किया जाएगा। आयोग के एक अन्य प्रवक्ता हसन काशगावी ने बताया कि पिछली बैठकों में हुई देरी को सुलझाने के बाद इस अनुच्छेद को आगे बढ़ाया गया है। हालांकि इस ड्राफ्ट में यह भी कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जहाजों की आवाजाही की आजादी बनी रहेगी और तटीय देशों की संप्रभुता का पूरा सम्मान किया जाएगा।
लाखों डॉलर का शुल्क और अमेरिका-इजरायल के जहाजों पर रोक
सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए नियम के लागू होने के बाद तेल के एक टैंकर पर 20 लाख डॉलर तक का भारी भरकम चार्ज लगाया जा सकता है। इसके अलावा इस कानून में ऐसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं जिनके तहत अमेरिका, इजरायल या ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगाने वाले किसी भी देश से जुड़े जहाजों के आने पर रोक लगाई जा सकती है। ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हुसैन शरीयत मदारी ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के क्षेत्रीय जल का हिस्सा है, इसलिए देश को यहां से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस वसूलने का पूरा कानूनी अधिकार है।
कानून बनने की आगे की प्रक्रिया
फिलहाल यह अभी सिर्फ एक ड्राफ्ट कानून है जिसे संसद की समिति ने मंजूरी दी है। इसे पूरी तरह से कानून बनने के लिए अभी ईरानी संसद यानी मजलिस में पूर्ण मतदान से पास होना होगा। इसके बाद इसे गार्जियन काउंसिल की मंजूरी लेनी होगी और अंत में ईरान के राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगा। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।