अमेरिका के इकॉनॉमिक डी-डे पर ईरान का पलटवार, कहा यह अमेरिका की घरेलू नाकामी छिपाने की चाल है

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के खिलाफ घोषित किए गए 'इकॉनॉमिक डी-डे' को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने अपने एक आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई देश की अपनी अंदरूनी आर्थिक समस्याओं और बढ़ते कर्ज से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी साजिश है। अमेरिकी नीतियों की आलोचना करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि पुरानी और नाकाम नीतियों को बार-बार आजमाने से केवल हार ही मिलेगी और इससे ईरानी जनता का गुस्सा और ज्यादा भड़केगा।
अमेरिका का आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य दावों पर प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को इस बड़े आर्थिक ऑपरेशन का ऐलान किया था। उन्होंने इसे इतिहास का सबसे कड़ा आर्थिक कदम बताया था। अमेरिकी प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी देश, संस्था या कारोबार ईरान की मदद करेगा, उसे भारी आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। इसमें तेल तस्करी, कैश ट्रांसफर और शिप रजिस्ट्रियों को समर्थन देना भी शामिल है। इसके अलावा अमेरिकी प्रशासन ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया गया है और उसकी नौसेना तथा वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है।
यूएई का बड़ा कदम और क्षेत्रीय तनाव
खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच, UAE सरकार ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को ईरान के साथ सभी प्रकार के आर्थिक लेन-देन को अगले आदेश तक स्थगित करने का बड़ा ऐलान किया। यूएई ने यह कदम फारस की खाड़ी में जहाजों पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल से हमले के आरोपों के बाद उठाया है, हालांकि तेहरान ने इन सभी आरोपों से साफ इंकार किया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान की सेना ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी सैन्य अभियानों में मदद करने से दूर रहें, क्योंकि ऐसा करना सीधा शत्रुतापूर्ण कृत्य माना जाएगा।
राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी
चल रहे संघर्ष के पांच महीनों के दौरान, ईरानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जब तक युद्ध दोबारा न होने की पक्की गारंटी नहीं मिलती, तब तक ईरान किसी भी प्रकार के संघर्षविराम को स्वीकार नहीं करेगा। हालांकि कूटनीतिक मोर्चे पर बातचीत अभी भी रुकी हुई है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने भविष्य में बातचीत की संभावना से इंकार नहीं किया है। स्थिति को संभालने के लिए ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल Asim Munir के साथ भी राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान खोजने को लेकर चर्चा की है।