ईरान में अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे की तैयारियों को लेकर पूरे देश में भारी हलचल है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और ईरानी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। करोड़ों लोगों के आने की उम्मीद है, इसलिए सरकार ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

सेना की तैयारी और सुरक्षा इंतजाम

ईरानी सेना के प्रवक्ता Brigadier General Mohammad Akraminia ने 1 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि सेना ने जनाजे के लिए पूरी प्लानिंग कर ली है। उन्होंने बताया कि देश की हवाई सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जमीन व हवा की सीमाओं पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। Air Force और Navy को भी पूरी तरह तैयार रहने का आदेश दिया गया है।

भीड़ को संभालने और लोगों की सुविधा के लिए सेना ने तेहरान और उसके आसपास चार ‘पिलग्रिम सिटी’ (तीर्थयात्री शहर) बनाए हैं। यहाँ आने वाले लाखों लोगों के रहने, खाने और इलाज का पूरा इंतजाम होगा। साथ ही, ट्रैफिक वाले रास्तों पर सेना के हेलीकॉप्टर और रेस्क्यू टीमें तैनात रहेंगी ताकि किसी भी इमरजेंसी में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

एयरपोर्ट और एयरस्पेस के बंद रहने का शेड्यूल

जनाजे के दौरान अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के आने और सुरक्षा कारणों से ईरान के कई हवाई अड्डे और एयरस्पेस बंद रहेंगे। इसका पूरा विवरण नीचे दिया गया है:

  • 3 जुलाई (शुक्रवार): सुबह 5:00 बजे से diplomatic arrivals के लिए Mehrabad Airport बंद रहेगा।
  • 6 जुलाई (सोमवार): मुख्य जुलूस के कारण तेहरान का पूरा एयरस्पेस बंद रहेगा।
  • 7 जुलाई (मंगलवार): शव को इराक ले जाने के लिए Imam Khomeini International Airport बंद रहेगा।
  • 9 जुलाई: Mashhad का एयरस्पेस पूरी तरह बंद रहेगा।

ग्लोबल स्तर की तैयारी

नेशनल फ्यूनरल हेडक्वार्टर के सचिव Mohammad Reza Pourjamshidian ने बताया कि इस कार्यक्रम की तैयारी बहुत बड़े पैमाने पर की गई है क्योंकि यह एक वैश्विक स्तर का आयोजन है। इस पूरी योजना को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और नए सुप्रीम लीडर Ayatollah Seyyed Mojtaba Hosseini Khamenei की मंजूरी मिली है।

First Vice President Mohammad Reza Aref ने इस जनाजे को 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण घटना बताया है। ईरान ने इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुराने अनुभवों से सबक लिया है ताकि किसी भी तरह की भगदड़ न मचे। इस कार्यक्रम में 30 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और इराक के नजफ और करबला में भी जुलूस निकालने के लिए वहां की सरकार और Popular Mobilization Units के साथ तालमेल बिठाया गया है।