ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल Amir Hatami ने साफ कर दिया है कि उनके देश के सुप्रीम लीडर की हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान इन हत्यारों को ढूँढने का काम तब तक जारी रखेगा जब तक उन्हें पकड़ नहीं लिया जाता. यह बयान 5 जुलाई 2026 को सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के दौरान दिया गया.

मेजर जनरल Amir Hatami ने कहा कि ईरानी सेना अपने दिवंगत लीडर Ayatollah Ali Khamenei के बताए रास्ते पर चलेगी. अब सेना नए सुप्रीम लीडर Grand Ayatollah Seyed Mojtaba Hosseini Khamenei के मार्गदर्शन में काम करेगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान इंसाफ की अपनी लड़ाई नहीं छोड़ेगा और दोषियों को खोज निकाला जाएगा.

इसी दिन ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव Mohammad Bagher Zolqadr ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि देश की जनता बाहरी खतरों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है और हत्यारों से बदला लेना तय है. वहीं सरकारी प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने बताया कि ईरान इस हत्या के लिए अमेरिका और इसराइल के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज करेगा. इसके लिए राष्ट्रपति कानूनी कार्यालय और विदेश मंत्रालय काम कर रहे हैं.

Khatam al-Anbiya सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर Ali Abdollahi ने अमेरिका और इसराइल को चेतावनी दी है कि वे कोई गलती न करें. उन्होंने कहा कि अगर कोई हमला हुआ तो उसका जवाब बहुत सख्त होगा. बता दें कि Ayatollah Ali Khamenei की हत्या 28 फरवरी 2026 को एक हवाई हमले में हुई थी जिसके लिए ईरान ने अमेरिका और इसराइल को जिम्मेदार ठहराया है.

4 और 5 जुलाई 2026 को दिवंगत लीडर का अंतिम संस्कार हुआ जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी. हालांकि सुरक्षा कारणों से नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei को अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने से रोका गया. अधिकारियों को डर था कि इसराइल उन पर भी हमला कर सकता है. पिता की मौत के बाद से Mojtaba Khamenei अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं.