ईरान में तनाव काफी बढ़ गया है और अब वहां की सेना ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हतामी ने कहा है कि जो भी देश ईरान पर हमला करेगा उसे बाद में पछताना पड़ेगा। इस बयान के साथ ही ईरान के राष्ट्रपति और संसद अध्यक्ष ने भी देश की एकता का समर्थन किया है। यह पूरा मामला अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री नाकेबंदी और इसराइल के साथ जारी टकराव से जुड़ा है।

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ईरान के बड़े नेताओं ने क्या चेतावनी दी है?

ईरान की सेना के प्रमुख मेजर जनरल अमीर हतामी ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान हमलावरों को उनकी गलती का अहसास कराएगा। उन्होंने कहा कि देश की एकता और सुप्रीम लीडर के आदेश पर ईरान जीत हासिल करेगा। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि ईरान में अब कोई उदारवादी या कट्टरपंथी नहीं है, बल्कि सभी क्रांतिकारी ईरानी हैं। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने नाकेबंदी जारी रखी तो ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही रोक सकता है।

अमेरिका और इसराइल के साथ विवाद की मुख्य वजह क्या है?

  • समुद्री नाकेबंदी: अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी शुरू की थी।
  • सीजफायर अपडेट: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बातचीत के लिए ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है।
  • सैन्य कार्रवाई: अमेरिका ने अपनी सेना को आदेश दिया है कि अगर कोई छोटी ईरानी नाव माइन बिछाने की कोशिश करे तो उसे तुरंत मार गिराया जाए।
  • लेबनान तनाव: इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीजफायर की बात चल रही थी, लेकिन लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइली हवाई हमले फिर से शुरू हो गए।

कूटनीतिक हलचल और ताज़ा स्थिति क्या है?

ईरान इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरे पर गए हैं ताकि क्षेत्रीय तनाव को कम किया जा सके और अमेरिकी नाकेबंदी पर चर्चा हो सके। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि 13 अप्रैल के बाद से उन्होंने 33 ईरानी जहाजों को रास्ता बदलने पर मजबूर किया और 4 जहाजों को पकड़ा है। इस तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.