ईरान की सेना ने इसराइल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का दावा किया है. सेना के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले 40 दिनों की जंग में ईरान ने इसराइल के 40 से ज़्यादा रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है. इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से पाबंदियां लगा दी गई हैं जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है.
ईरान ने हमले में क्या-क्या किया?
ईरानी सेना ने इस हमले के लिए अपनी ज़मीनी सेना, वायु सेना और नौसेना का इस्तेमाल किया. ज़मीनी सेना ने छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों और ड्रोन से इसराइल के सैन्य ठिकानों पर हमला किया. वायु सेना ने इराक के एरबिल में अलगाववादी समूहों और अन्य देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. वहीं नौसेना ने समुद्र से चलने वाली मिसाइलों और बिना पायलट वाले जहाजों का उपयोग किया.
हवाई बचाव और होर्मुज जलडमरूमध्य का क्या हाल है?
ईरान के खतम अल अनबिया एयर डिफेंस बेस ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका और इसराइल के 170 से ज़्यादा ड्रोन और कुछ लड़ाकू विमानों को मार गिराया. दूसरी तरफ, अमेरिका द्वारा बंदरगाहों की नाकेबंदी की धमकी के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद करने का फैसला लिया है. ईरान का कहना है कि यह रास्ता केवल युद्धविराम के दौरान ही खुलेगा और दुश्मन देशों के जहाजों को यहां आने की इजाजत नहीं होगी.
लेबनान में युद्धविराम और अन्य बड़ी बातें?
लेबनान में इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच 10 दिनों का युद्धविराम फिलहाल चल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे एक ऐतिहासिक दिन बताया और इसराइल को लेबनान में बमबारी न करने की चेतावनी दी. हालांकि, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर के सुरक्षा क्षेत्र से पीछे हटने से मना कर दिया है. इस बीच लेबनान में एक संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक की मौत की खबर आई है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| इसराइल के निशाने पर आए ठिकाने | 40 से ज़्यादा |
| गिराए गए विदेशी ड्रोन | 170 से ज़्यादा |
| लेबनान युद्धविराम समय | 10 दिन |
| इसराइल का सुरक्षा बफ़र ज़ोन | 10 किलोमीटर |
| होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति | फिर से बंद/पाबंदी लागू |
| अमेरिकी राष्ट्रपति का आदेश | बंदरगाह नाकेबंदी जारी रहेगी |
| ईरान की तैयारी | नौसेना नए हमलों के लिए तैयार |