Iran Crackdown: ईरान ने पकड़ा 127 जासूस, अमेरिका और इसराइल से थे संबंध, कई संवेदनशील जगहों की जानकारी भेज रहे थे

ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए 127 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर आरोप है कि वे विदेशी खुफिया नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे और देश के अंदर गड़बड़ी फैलाने की कोशिश में थे। यह पूरा ऑपरेशन ईरान के तीन अलग-अलग प्रांतों में चलाया गया, जहाँ सुरक्षा बलों ने संदिग्धों को दबोचा।

किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया है?

IRGC इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन और इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए लोग अमेरिका, ब्रिटेन और इसराइल की मोसाद एजेंसी के संपर्क में थे। इन लोगों पर जासूसी करने, गुप्त नेटवर्क बनाने और देश में दंगे भड़काने की तैयारी करने का आरोप है। कुछ लोग संवेदनशील सरकारी जगहों की लोकेशन और जानकारी विदेशी संपर्कों को भेज रहे थे।

गिरफ्तारी का पूरा ब्यौरा और जब्त सामान

सुरक्षा बलों ने इस छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार लोगों की संख्या और उनके इलाकों की जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

प्रांत का नाम गिरफ्तार लोगों की संख्या जब्त किया गया सामान
Mazandaran 69 बंदूकें, रेडियो उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
Kerman 51 सैटेलाइट उपकरण और हथियार
East Azerbaijan 7 विशेष तकनीकी मशीनें

अब आगे क्या होगा और क्या है सजा

ईरान में जासूसी के कानूनों को काफी सख्त कर दिया गया है। इन आरोपियों पर चल रहे मुकदमे के बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई जा सकती है और उनकी सारी संपत्ति सरकार जब्त कर सकती है। यह कार्रवाई साल 2026 की शुरुआत से चल रहे बड़े अभियानों का हिस्सा है। सरकार उन लोगों पर भी नजर रख रही है जो क्रिप्टो करेंसी के जरिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को तोड़कर पैसा इधर-उधर भेज रहे हैं।