ईरान की खुफिया एजेंसी ने इलम प्रांत में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। ईरान के सरकारी दावों के मुताबिक, ये लोग अमेरिका और इसराइल के लिए काम करने वाले भाड़े के सैनिक थे। इन लोगों पर देश में अस्थिरता फैलाने और विदेशी ताकतों के लिए जासूसी करने का आरोप है।

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ईरान के खुफिया मंत्रालय (Ministry of Intelligence) ने बताया कि पकड़े गए लोगों में 3 मुख्य फील्ड लीडर शामिल हैं, जबकि बाकी 14 उनके सहयोगी या ऑपरेटिव थे। अधिकारियों ने इस पूरे ग्रुप को अमेरिकी और इसराइली दुश्मनों का एक नेटवर्क बताया है, जिसका मकसद सड़कों पर हंगामा और तोड़फोड़ करना था। इन सभी पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।

जांच में यह बात सामने आई है कि इस ग्रुप के कुछ सदस्य पिछले साल सर्दियों (2025-2026) के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल थे। गिरफ्तारी के समय ईरान पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • 3 TNT विस्फोटक डिवाइस
  • एक कलाश्निकोव राइफल
  • एक हैंड ग्रेनेड
  • मचेते और अन्य धारदार हथियार

यह गिरफ्तारी एक ऐसे मोड़ पर हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को कम करने के लिए एक नया समझौता हुआ है। इसी सिलसिले में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ जल्द ही स्विट्जरलैंड में मुलाकात करेंगे।

इस पूरी घटना और गिरफ्तारियों को लेकर अभी तक अमेरिका या इसराइल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.