ईरान की पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 लोगों को गिरफ्तार किया है. इन सभी पर देश के दुश्मनों यानी अमेरिका और इसराइल के साथ खुफिया जानकारी साझा करने का आरोप है. ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेज़ा रदान ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है. यह गिरफ्तारियां 15 मार्च 2026 तक सामने आई हैं और यह ऐसे समय में हुई हैं जब ईरान पर लगातार सैन्य हमले हो रहे हैं.

किन आरोपों में हुई है यह गिरफ्तारी?

गिरफ्तार किए गए 500 लोगों में से करीब 250 लोगों पर बहुत गंभीर आरोप लगे हैं. इन लोगों पर सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर विदेशी संस्थाओं को भेजने का आरोप है.

  • करीब 20 लोगों की पहचान खास तौर पर इसराइल को सटीक जानकारी देने के लिए हुई है.
  • हमले वाली जगहों की जानकारी देकर दुश्मन को मदद करने का मामला दर्ज हुआ है.
  • विदेशी फारसी न्यूज़ चैनलों को सरकार ने आतंकवादी नेटवर्क का नाम दिया है.

पुलिस और खुफिया विभाग का नया नियम क्या है?

ईरान के पुलिस प्रमुख ने साफ कर दिया है कि अगर कोई दुश्मन के बहकावे में आकर सड़क पर विरोध प्रदर्शन करता है, तो उसे प्रदर्शनकारी नहीं बल्कि देश का दुश्मन माना जाएगा. सुरक्षा बल ऐसे लोगों पर सीधी कार्रवाई करेंगे.

  • विदेशी मीडिया को हमले की तस्वीरें भेजने वालों को दुश्मन का एजेंट कहा गया है.
  • खुफिया विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे लोगों पर बहुत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.
  • आम जनता से अपील की गई है कि अगर कोई सैन्य ठिकानों की वीडियो बनाता दिखे तो 113 नंबर पर कॉल करके तुरंत शिकायत करें.

इस नई सख्ती और डर के कारण ईरान में सड़क पर होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शन अब लगभग रुक गए हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.