ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने देश के अंदर जासूसी करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। खुफिया मंत्रालय और IRGC ने मिलकर कई इलाकों में छापेमारी की और बड़ी संख्या में संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में इसराइल और अमेरिका से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं।

ईरान में जासूसों की गिरफ्तारी का पूरा मामला क्या है?

ईरान के Intelligence Ministry ने जानकारी दी कि उन्होंने Ilam प्रांत में Mossad के एक मुख्य जासूस को पकड़ा है। इसके साथ ही पांच अलग-अलग प्रांतों से 16 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। दूसरी तरफ, IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने पश्चिमी प्रांतों में बड़ी कार्रवाई की है जिसमें अमेरिका और इसराइल से जुड़े समूहों के प्लान फेल किए गए हैं।

  • Kurdistan प्रांत: यहाँ 11 जासूसों को पकड़ा गया और उनके पास से हथियार बरामद हुए। साथ ही 73 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।
  • Kermanshah प्रांत: यहाँ 155 लोगों को पकड़ा गया है, जिनमें 4 जासूस Mossad के लिए काम कर रहे थे। यहाँ से भी ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले हथियार मिले हैं।

कुल मिलाकर IRGC ने Kurdistan और Kermanshah प्रांतों में छापेमारी करके लगभग 240 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

जासूसी के आरोप में किसे फांसी दी गई?

ईरान की न्यायपालिका ने Erfan Kiani नाम के व्यक्ति को फांसी की सज़ा सुनाई और उसे अंजाम दिया गया। उस पर आरोप था कि वह जनवरी में Isfahan प्रांत में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान इसराइल की खुफिया एजेंसी के लिए मिशन पर था।

Erfan Kiani पर सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने, आग लगाने, Molotov कॉकटेल का इस्तेमाल करने और पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के आरोप थे। उसके पास हथियार होने और नागरिकों के बीच डर फैलाने की बात भी सामने आई थी।