ईरान की इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री ने एक बहुत बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने इसराइल की खुफिया एजेंसी Mossad से जुड़े दो आतंकी सेल और एक जासूस को गिरफ्तार किया है. ये लोग ईरान के अलग-अलग शहरों में बैठकर देश के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे थे और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने वाले थे.
गिरफ्तार जासूसों के पास से मिला खतरनाक सामान
सुरक्षा बलों ने इन जासूसों के पास से बहुत सारा घातक हथियार और आधुनिक तकनीक बरामद की है. बरामद सामान की लिस्ट नीचे दी गई है:
- माइक्रो-ड्रोन और ड्रोन ले जाने वाली खास गाड़ियां.
- साइलेंसर वाले हैंडगन, विंचेस्टर शॉटगन और एक हाई-प्रिसिजन स्नाइपर राइफल.
- बुलेटप्रूफ जैकेट और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद.
- Starlink कम्युनिकेशन टर्मिनल, जिसका इस्तेमाल विदेश में बैठे हैंडलर्स से गुप्त बातचीत के लिए किया जाता था.
किन इलाकों में हुई कार्रवाई और क्या था प्लान
यह पूरा ऑपरेशन ईरान के छह अलग-अलग प्रांतों में चलाया गया. West Azerbaijan प्रांत में एक सेल को पकड़ा गया, जहाँ सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया और बाकी को गिरफ्तार कर लिया गया. ये लोग तेहरान में एक बड़ी हत्या और संवेदनशील केंद्रों पर हमले की योजना बना रहे थे.
वहीं Kerman और Alborz प्रांतों से दूसरे सेल को पकड़ा गया. इसके अलावा, ‘Masoud-T’ नाम के एक एजेंट को उत्तरी सीमा पर तब गिरफ्तार किया गया जब वह Qazvin प्रांत के एक मिलिट्री सेंटर की गुप्त जानकारी विदेश भेजने की कोशिश कर रहा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, IRGC और इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री ने एक बड़े अभियान में कुल 46 लोगों को पकड़ा है, जो अमेरिका और इसराइल के नेटवर्क से जुड़े थे. ये गिरफ्तारियां Golestan, Isfahan और Ilam जैसे प्रांतों में भी हुई हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल के जासूस ईरान में क्या करना चाहते थे?
Mossad से जुड़े ये सेल ईरान के संवेदनशील केंद्रों पर हमला करने और तेहरान में एक खास व्यक्ति की हत्या करने की साजिश रच रहे थे.
जासूसों ने बातचीत के लिए किस तकनीक का इस्तेमाल किया?
पकड़े गए जासूसों ने विदेशी हैंडलर्स के साथ सुरक्षित और बिना निगरानी वाली बातचीत करने के लिए Starlink कम्युनिकेशन टर्मिनल्स का इस्तेमाल किया था.
