ईरान में इसराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। IRGC ने बताया कि ये लोग देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाना चाहते थे। यह कार्रवाई एक बड़े अभियान का हिस्सा है जो फरवरी 2026 से चल रहा है और इसमें कई प्रांतों में छापेमारी की गई है।

🚨: Trump का ईरान को सख्त संदेश, UAE और Saudi पर ड्रोन हमले, अब Hormuz जलडमरूमध्य पर ईरान का नया कंट्रोल

ईरान में जासूसी के आरोप में किसकी हुई गिरफ़्तारी?

IRGC Intelligence Organisation ने Qazvin, Kerman और Chaharmahal and Bakhtiari प्रांतों में एक साथ ऑपरेशन चलाया। Qazvin प्रांत में दो लोगों को पकड़ा गया, जिन पर आरोप है कि वे इसराइल के लिए काम कर रहे थे। इसके अलावा Kerman प्रांत में 8 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर जासूसी और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

अब तक कितने लोग जासूसी के आरोप में पकड़े गए?

ईरान के पुलिस चीफ Ahmadreza Radan ने जानकारी दी कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 6,500 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों पर गद्दारी और जासूसी के आरोप हैं। पुलिस चीफ ने साफ कहा है कि दुश्मन की मदद करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

संपत्तियों की ज़ब्ती और अन्य कार्रवाई

ईरानी न्यायपालिका ने Mizan न्यूज़ एजेंसी के ज़रिए बताया कि West Azerbaijan प्रांत में 129 लोगों की संपत्तियां ज़ब्त कर ली गई हैं। इन लोगों को दुश्मन तत्वों और गद्दार बताया गया है जिनके तार अमेरिका और इसराइल से जुड़े थे। वहीं मानवाधिकार संगठनों ने इन बड़े पैमाने पर हो रही गिरफ़्तारियों और सजाओं पर चिंता जताई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने जासूसों को क्यों पकड़ा?

IRGC के मुताबिक, ये लोग देश में असुरक्षा फैलाना और आर्थिक व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते थे और अमेरिका-इसराइल के लिए काम कर रहे थे।

जासूसी के खिलाफ यह अभियान कब से शुरू हुआ?

यह अभियान 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ जब अमेरिका और इसराइल के साथ ईरान का संघर्ष शुरू हुआ था।