ईरान की खुफिया एजेंसी ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर मोसाद से जुड़े होने, हथियार तस्करी करने और अलगाववादी समूहों का हिस्सा होने का आरोप है। यह कार्रवाई ईरान के छह अलग-अलग प्रांतों में एक साथ की गई ताकि देश की सुरक्षा को खतरा पहुँचाने वाले नेटवर्क को खत्म किया जा सके।

गिरफ्तारी में कौन-कौन शामिल है और क्या आरोप हैं?

पकड़े गए लोगों में मोसाद के एजेंट, हथियार तस्कर और अलगाववादी समूह के सदस्य शामिल हैं। ईरान के खुफिया मंत्रालय के मुताबिक, ये लोग अमेरिकी-ज़ायोनी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ‘ईरान इंटरनेशनल’ टीवी नेटवर्क और इजरायली मीडिया के लिए संवेदनशील जानकारी जुटाकर भेज रहे थे।

ऑपरेशन की बड़ी बातें और बरामदगी की लिस्ट

ईरान की पुलिस (FARAJA) और खुफिया विभाग ने कई शहरों में छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में हथियारों और जासूसी के उपकरणों का जखीरा मिला है। ऑपरेशन की मुख्य जानकारियां नीचे दी गई टेबल में हैं।

विवरण जानकारी
कुल गिरफ्तार लोग 35 व्यक्ति
बरामद हथियार 42 बंदूकें
प्रभावित प्रांत गिलान, केरमान, हमदान और हॉर्मोज़गन
मुख्य आरोपी अलगाववादी समूह का नेता (इस्फहान से गिरफ्तार)
हथियारों का रास्ता इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र से तस्करी
मीडिया लिंक ईरान इंटरनेशनल नेटवर्क से जुड़े 20 लोग
नया कानून जासूसी पर मौत की सजा का प्रावधान

तनाव बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?

यह पूरी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता विफल हो गई। इस वजह से दोनों देशों के बीच कड़वाहट और तनाव बढ़ गया है। इसी बीच ईरान ने जासूसी के खिलाफ एक नया और सख्त कानून लागू किया है, जिसमें दोषी पाए जाने पर संपत्ति जब्त करने और मौत की सजा देने का नियम है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com