ईरान में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। खुफिया मंत्रालय ने देश के 6 अलग-अलग प्रांतों में छापेमारी करके 35 लोगों को पकड़ा है। इनमें इजराइल की खुफिया एजेंसी Mossad से जुड़े संदिग्ध, हथियार तस्कर और अलगाववादी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा को बचाने के लिए एक साथ कई जगहों पर चलाया गया था।

किन लोगों को गिरफ्तार किया गया और क्या आरोप हैं?

इस कार्रवाई में मोसाद से जुड़े संदिग्धों के साथ-साथ हथियार तस्करी करने वालों को पकड़ा गया। कुछ लोगों पर अमेरिका और इजराइल के लिए जासूसी करने का आरोप है। साथ ही, ‘Iran International’ टीवी नेटवर्क से जुड़े करीब 20 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन पर दुश्मन देशों को जानकारी देने का शक है। IRGC ने इलम प्रांत में भी 8 लोगों को पकड़ा है जिनके सीधे संबंध मोसाद से बताए जा रहे हैं।

अलग-अलग प्रांतों में हुई कार्रवाई का ब्योरा

सुरक्षा बलों ने अलग-अलग राज्यों में कई सेल का पर्दाफाश किया है और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।

प्रांत (Province) कार्रवाई और बरामदगी
Isfahan एक अलगाववादी मिलिटेंट ग्रुप के लीडर को गिरफ्तार किया गया।
Khuzestan और Kermanshah दो हथियार तस्करी सेल पकड़े गए, 42 बंदूकें बरामद हुईं।
Gilan, Kerman, Hamadan, Hormozgan 4 सेल खत्म किए गए, 10 गिरफ्तार और IED व सर्विलांस उपकरण मिले।
Hormozgan, Hamadan, Kerman मीडिया ऑपरेशन्स से जुड़े 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
Ilam मोसाद से संबंध रखने वाले 8 नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।
Khuzestan अवैध तरीके से घुसने वाले कई विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया।

विदेशी एजेंसियों और अधिकारियों का क्या कहना है?

मोसाद के डायरेक्टर David Barnea ने हाल ही में बताया कि उनकी एजेंसी तेहरान के बीचों-बीच काम कर रही थी और उन्होंने एयरफोर्स को सटीक जानकारी दी। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि तेहरान युद्ध नहीं चाहता और बातचीत के लिए तैयार है। वहीं, IRGC ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz पर उनका पूरा कंट्रोल है और किसी भी गड़बड़ का जवाब ताकत से दिया जाएगा।