ईरान से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े होने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर आरोप है कि वे विदेशी मीडिया को अंदरूनी जानकारी और हमले की जगहों की तस्वीरें भेज रहे थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक विदेशी नागरिक भी शामिल है जिस पर दो खाड़ी देशों के इशारे पर काम करने का आरोप लगा है। देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और इंटरनेट सेवा पर भी भारी रोक लगा दी गई है जिससे आम लोगों को विदेशों में अपने परिवार से बात करने में परेशानी हो रही है।

गिरफ्तारी से जुड़े मुख्य आंकड़े

अलग-अलग सरकारी और मानवाधिकार संस्थाओं ने इस मामले में अलग-अलग आंकड़े जारी किए हैं। सरकारी एजेंसियों के मुताबिक देश भर में कई जगह छापेमारी की गई है और संदिग्धों को पकड़ा गया है।

  • खुफिया मंत्रालय: 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिन पर अमेरिका और इजरायल के लिए जासूसी करने का आरोप है।
  • पुलिस विभाग: पुलिस चीफ अहमदरज़ा रदान के अनुसार 81 लोगों को विदेशी मीडिया को जानकारी देने के आरोप में पकड़ा गया है।
  • आईआरजीसी (IRGC): 10 लोगों को उन जगहों की वीडियो बनाने के लिए गिरफ्तार किया गया है जहां हवाई हमले हुए थे।
  • मानवाधिकार संस्था (HRANA): इस संस्था की रिपोर्ट के अनुसार तेहरान, तबरीज़ और अन्य प्रांतों से 195 से अधिक नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

विदेश में रहने वालों पर एक्शन और जब्त हुआ सामान

ईरान के अभियोजक जनरल के कार्यालय ने एक नया नियम लागू किया है। इसके तहत विदेश में रहने वाले उन ईरानी नागरिकों की संपत्ति जब्त की जाएगी जो विरोधी देशों का साथ दे रहे हैं। सरकार ने एक ऑनलाइन फॉर्म भी जारी किया है जहां आम लोग ऐसे संदिग्धों की शिकायत कर सकते हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा, हथियार और इंटरनेट चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले Starlink डिवाइस मिले हैं।

सड़क पर प्रदर्शन करने वालों पर सख्त कार्रवाई

पुलिस चीफ ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर विरोध करने वाले लोगों को अब प्रदर्शनकारी नहीं माना जाएगा, बल्कि उन्हें दुश्मन की तरह देखा जाएगा। ईरान के कई शहरों, खासकर तेहरान में पुलिस और दंगा नियंत्रण बल 24 घंटे पहरा दे रहे हैं। इसके अलावा ईरान सरकार ने देश में इंटरनेट पर काफी पाबंदी लगा दी है। इंटरनेट बंद होने के कारण लोग बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। विदेशी मीडिया चैनलों जैसे ईरान इंटरनेशनल और बीबीसी पर्शियन को भी सरकार ने आतंकी नेटवर्क घोषित कर दिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.