ईरान के विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय देशों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ईरान का कहना है कि यूरोपीय देशों को न्याय के रास्ते में बाधा बनने के बजाय इसराइल द्वारा किए जा रहे नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करनी चाहिए। इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता को लेकर भी नए अपडेट सामने आए हैं। दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत चल रही है, जिसमें कुछ प्रगति देखने को मिली है।

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता में क्या हुआ?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी समझौता होने की उम्मीद तुरंत नहीं है। वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बातचीत में अच्छे संकेत मिलने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक मजबूत प्रस्ताव टेबल पर मौजूद है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोई भी खराब समझौता स्वीकार नहीं करेंगे।

यूरोपीय नेताओं ने समझौते को लेकर क्या शर्तें रखीं?

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी समझौता ऐसा होना चाहिए जो तनाव को कम करे, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टैक्स के नौवहन के लिए खोले और यह सुनिश्चित करे कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी इन्हीं बातों का समर्थन किया है और शांति के लिए इसे जरूरी बताया है।

इसराइल को किस बात की चिंता सता रही है?

इसराइल के राजनीतिक विश्लेषक ओरी गोल्डबर्ग के अनुसार, ट्रंप इसराइल के बजाय अमेरिकी हितों को पहले प्राथमिकता देंगे। इसके अलावा, रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर लेबनान में युद्धविराम बनाए रखने और हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सीमित करने का काफी दबाव है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान और अमेरिका के बीच समझौता होने वाला है?

ईरान के अनुसार बातचीत में प्रगति हुई है लेकिन अभी कोई अंतिम समझौता तुरंत होने की उम्मीद नहीं है। अमेरिका ने भी कहा है कि एक मजबूत प्रस्ताव तैयार है लेकिन वे जल्दबाजी में कोई खराब डील नहीं करेंगे।

यूरोपीय देश इस समझौते को लेकर क्या चाहते हैं?

यूरोपीय संघ और ब्रिटेन चाहते हैं कि इस समझौते से क्षेत्र में शांति स्थापित हो, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का आवागमन सुरक्षित हो और ईरान परमाणु हथियार न बना सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com