ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिकी जनता से अपील की है कि वे अपनी सरकार से इस युद्ध की जवाबदेही मांगें। ईरान का दावा है कि यह युद्ध बिना किसी उकसावे के शुरू किया गया और यह पूरी तरह से गैरकानूनी है।

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ईरान ने अमेरिकी जनता से क्या कहा और क्यों?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 1 मई 2026 को एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता का यह अधिकार और गंभीर कर्तव्य है कि वे अपनी सरकार से इस अवैध युद्ध और इसमें हुई हिंसा के लिए जवाब मांगे। Baghaei ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अमेरिकी lawmaker का वीडियो भी साझा किया, जिसमें कहा गया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं था और यह युद्ध बिना किसी ठोस वजह के शुरू किया गया।

अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच क्यों बढ़ रही है अनबन?

इस युद्ध को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने कहा कि इस संघर्ष में अमेरिका की स्थिति कमजोर हुई है और ट्रंप प्रशासन के पास कोई साफ रणनीति नहीं है। इस आलोचना के बाद राष्ट्रपति Trump ने नाराजगी जताई और जर्मनी, इटली और स्पेन से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की धमकी दी। वहीं, अमेरिकी सीनेटर Jack Reed ने भी इस बात पर सवाल उठाए कि सरकार ने बिना किसी रणनीति और कांग्रेस की सलाह के यह युद्ध क्यों शुरू किया।

युद्ध की वर्तमान स्थिति और शांति की कोशिशें क्या हैं?

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसके बाद 8 अप्रैल 2026 से ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ। शांति बहाली के लिए ईरान ने पाकिस्तान के जरिए बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के बदले अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की बात कही गई थी। ट्रंप ने साफ किया कि जब तक परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं होता, नाकाबंदी जारी रहेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान-अमेरिका युद्ध की शुरुआत कब हुई थी?

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और वर्तमान में 8 अप्रैल 2026 से एक अस्थायी युद्धविराम लागू है।

ईरान ने शांति के लिए क्या कदम उठाया है?

ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को बातचीत का प्रस्ताव भेजा है ताकि युद्ध को स्थायी रूप से खत्म किया जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.