ईरान और अमेरिका के बीच हुए हालिया समझौते के बाद अब दुनिया की नजरें इसराइल पर टिकी हैं। ईरान ने अमेरिका से साफ तौर पर कहा है कि वह इसराइल को समझौते की शर्तों को मानने के लिए मजबूर करे। ईरान का मानना है कि अगर अमेरिका वाकई गंभीर है, तभी इस इलाके में शांति लौट सकती है।

ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Saeed Khatibzadeh ने बताया कि ईरान कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका को यह सुनिश्चित करना होगा कि इसराइल नियमों का पालन करे। उन्होंने कहा कि ईरान गाजा समेत सभी मोर्चों पर शांति चाहता है। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि लेबनान के हालात इस समझौते का अहम हिस्सा हैं क्योंकि वहां की स्थिरता के बिना क्षेत्रीय शांति संभव नहीं है।

इस मामले में कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:

  • अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून 2026 को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से और 17 जून को राष्ट्रपति Donald Trump ने व्यक्तिगत रूप से एक समझौता (MoU) साइन किया।
  • ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी Seyed Mehdi Tabatabaei ने चेतावनी दी कि अमेरिका किसी तीसरे पक्ष की शरारत को शांति के बीच में न आने दे।
  • इसराइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir ने साफ कह दिया कि अमेरिका-ईरान समझौता इसराइल पर लागू नहीं होता और वे हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे।
  • फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने भी अमेरिका से अपील की है कि वह इसराइल पर दबाव डाले ताकि लेबनान में लड़ाई रुक सके।

वहीं, समुद्री रास्तों को लेकर भी अपडेट आया है। ईरान ने बताया कि वह ओमान के साथ मिलकर Strait of Hormuz में जहाजों को आने-जाने की सुविधा देगा और अगले 60 दिनों तक कोई पासिंग फीस नहीं लेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते को पूरा बताया और कहा कि यह रास्ता अब पूरी तरह खुल जाएगा।

दूसरी तरफ, इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच 19 जून 2026 को शाम 4 बजे से सीजफायर (युद्धविराम) तय हुआ था, जिसे अमेरिका और कतर ने मिलकर तय कराया था। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, इस घोषणा के बाद भी लेबनान में इसराइली हमले जारी रहे। ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ होने वाली किसी भी बातचीत में ईरान अपनी ‘रेड लाइन’ का पूरा ख्याल रखेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.