Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपने अधिकारों को लेकर किया बड़ा ऐलान, अमरीका के साथ समझौता खत्म.

फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दुनिया भर में हलचल तेज हो गई है क्योंकि अमरीका और ईरान के बीच हुआ समझौता अब पूरी तरह से समाप्त हो गया है। ईरान ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की कि वह फारस की खाड़ी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी पर अपने कानूनी अधिकारों को पूरी तरह बरकरार रखता है। ईरान के इस कड़े रुख के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है क्योंकि इस समुद्री रास्ते से दुनिया भर का तेल और व्यापार होता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इस बात की जानकारी दी और साफ किया कि तेहरान क्षेत्रीय तनाव के बीच इन कानूनी फ्रेमवर्क को मजबूत करने के लिए संसद के साथ मिलकर काम कर रहा है।
समझौता खत्म होने के बाद ईरान का कड़ा रुख
अमरीका और ईरान के बीच साठ दिन का जो अस्थायी समझौता चल रहा था, उसकी मियाद अब पूरी हो चुकी है। इस समझौते की वजह से जहाजों को इस संवेदनशील जलमार्ग से सुरक्षित और बिना किसी टोल टैक्स के आने-जाने की छूट मिली हुई थी। लेकिन अब इस एमओयू के खत्म होते ही हालात बदल गए हैं। ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल Amir Hatami ने बहुत सख्त बयान देते हुए कहा कि अमरीकी सैन्य बलों को अब इन पानी में काम करने की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बयान के बाद से इलाके में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियों की नजरें इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर टिकी हुई हैं।
संसद में ट्रांजिट फीस और बैन पर विचार
ईरान की संसद इस समय एक नए कानून पर विचार कर रही है जिससे विदेशी जहाजों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा। इस संभावित कानून के तहत विदेशी जहाजों पर 7% तक का ट्रांजिट शुल्क यानी टैक्स लगाया जा सकता है। इसके अलावा इस कानून में अमरीका और इस्राइल से जुड़े जहाजों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है। हाल ही में तेल टैंकरों पर हुए हमलों और सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस पूरी स्थिति की अधिक जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं।
ओमान के साथ बातचीत जारी
एक तरफ जहां सैन्य और कानूनी मोर्चे पर सख्ती बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ईरान का विदेश मंत्रालय ओमान के साथ मिलकर एक नए ट्रांजिट रूट मैप को तैयार करने के लिए लगातार बातचीत कर रहा है। इस जटिल मुद्दे को सुलझाने के लिए ओमान और ईरान के बीच बैठकों का दौर जारी है ताकि समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने का कोई नया रास्ता निकाला जा सके। इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप ANI News Report देख सकते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए इस तरह के तनाव अक्सर चिंता का विषय बनते हैं क्योंकि इससे क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ता है।