मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ईरान ने साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने नई दिल्ली में इस बात की पुष्टि की है कि भारत एक मित्र देश है और उसके जहाजों को नहीं रोका जाएगा। इस फैसले से भारत में LPG और कच्चे तेल की सप्लाई पर मंडरा रहा खतरा टल गया है।

क्या है ईरान का नया फैसला और क्यों मिली छूट

ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने एक कांफ्रेंस में बताया कि भारत और ईरान के बीच अच्छे संबंध हैं और दोनों देशों के हित जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत हमारा दोस्त है और कुछ ही घंटों में इसका असर शिपिंग रूट पर दिखने लगेगा। ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने भी साफ किया कि जो जहाज अमेरिका या इजरायल के लिए काम नहीं कर रहे हैं, वे ईरान की इजाजत लेकर इस रास्ते से जा सकते हैं। इस बड़े फैसले से ठीक पहले 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। साथ ही भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ईरान के विदेश मंत्री से चार बार बात की थी।

फंसे हुए जहाजों और भारत की सप्लाई पर असर

इस फैसले के तुरंत बाद एक भारतीय जहाज ‘Jag Prakash’ को शुक्रवार को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी गई। यह जहाज पेट्रोल लेकर अफ्रीका जा रहा था। आपको बता दें कि तनाव के कारण इस इलाके में भारत के 28 जहाज फंसे हुए थे, जिनमें से 24 पश्चिम की तरफ और 4 पूर्व की तरफ खड़े थे। Strait of Hormuz भारत के लिए बहुत अहम है क्योंकि भारत का 60% LPG और 30% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर आता है। ईरान के इस कदम से भारत में गैस और ईंधन की कमी होने का डर खत्म हो गया है और शिपिंग कंपनियों का काम फिर से पटरी पर लौट आया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com