अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक नई जानकारी सामने आई है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया है कि ईरान के पास अभी भी अपने हमलावर ड्रोन्स का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब दुनिया की नजरें इस क्षेत्र की हलचल पर टिकी हैं।

ईरान के पास आखिर कितने ड्रोन बचे हैं?

18 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि ईरान के पास अब भी 40% ड्रोन स्टॉक बचा हुआ है। इससे पहले 17 अप्रैल को Defense Intelligence Agency के डायरेक्टर Lt. Gen. James Adams ने गवाही दी थी कि ईरान के पास हजारों मिसाइल और ड्रोन सुरक्षित हैं। उनके मुताबिक, हमलों के बावजूद ईरान का हथियारों का जखीरा काफी हद तक बरकरार है।

अमेरिकी अधिकारियों के दावों में क्या फर्क है?

इस मामले में अमेरिकी सेना के अलग-अलग अधिकारियों ने अलग बातें कही हैं। एक तरफ जहाँ कुछ अधिकारियों ने ड्रोन स्टॉक होने की बात कही, वहीं 8 अप्रैल को Gen. Dan Caine ने कहा था कि 800 से ज्यादा स्टोरेज ठिकाने नष्ट कर दिए गए हैं और अब वहां कुछ नहीं बचा है। दूसरी ओर, ईरान का दावा है कि अमेरिका उनके सैन्य बुनियादी ढांचे को नहीं समझता और उन्होंने अपने ड्रोन उत्पादन को दस गुना बढ़ा दिया है।

तारीख स्रोत जानकारी
3-6 अप्रैल 2026 US इंटेलिजेंस (CNN) करीब 50% ड्रोन और मिसाइल लॉन्चर सुरक्षित हैं
8 अप्रैल 2026 Gen. Dan Caine 800 स्टोरेज सेंटर नष्ट, अब कुछ नहीं बचा है
17 अप्रैल 2026 Lt. Gen. James Adams हजारों मिसाइल और ड्रोन अब भी मौजूद हैं
18 अप्रैल 2026 US सैन्य अधिकारी करीब 40% ड्रोन स्टॉक अभी भी बचा हुआ है

इसी बीच Reuters की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से अमेरिका के अपने हथियारों और गोला-बारूद की कमी हो रही है। इस वजह से यूरोप के कुछ देशों को हथियारों की डिलीवरी मिलने में देरी हो रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.