खाड़ी क्षेत्र में ईरान द्वारा दो बड़े एल्यूमीनियम प्लांट पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया है। सोमवार को लंदन मेटल एक्सचेंज पर एल्यूमीनियम की कीमतें करीब 6 प्रतिशत तक उछल गईं और 3,492 डॉलर प्रति टन के स्तर तक पहुँच गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में धातु की कीमतों में और तेजी आने की संभावना है।

हमले में किन कंपनियों को पहुँचा है नुकसान?

ईरान के इस हमले में संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन की दो प्रमुख कंपनियों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों की जिम्मेदारी ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ली है। हमले का विवरण नीचे दिया गया है:

  • Emirates Global Aluminium (EGA): अबू धाबी में स्थित अल तवीला सुविधा को काफी नुकसान पहुँचा है और कर्मचारियों के घायल होने की खबर है।
  • Aluminium Bahrain (Alba): दुनिया के सबसे बड़े स्मेल्टरों में से एक इस प्लांट में भी दो कर्मचारी घायल हुए हैं और यहाँ नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
  • उत्पादन पर असर: खाड़ी देश दुनिया के कुल एल्यूमीनियम उत्पादन का लगभग 8-9 प्रतिशत हिस्सा पैदा करते हैं, जो अब खतरे में है।

बाजार और कीमतों पर क्या होगा असर?

मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि रूस पर लगे प्रतिबंधों के बाद से यूरोप और जापान जैसे देशों के लिए मिडिल ईस्ट एल्यूमीनियम का सबसे बड़ा जरिया बन गया था। अब यहाँ तनाव बढ़ने से सप्लाई की कमी हो सकती है। Goldman Sachs और अन्य वित्तीय संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव डालेंगी।

विवरण ताज़ा अपडेट
एल्यूमीनियम की मौजूदा कीमत 3,435 से 3,492 डॉलर प्रति टन
कीमतों में तत्काल वृद्धि करीब 6 प्रतिशत
भविष्य का अनुमान 3,700 से 4,000 डॉलर प्रति टन तक जा सकती है
सप्लाई का घाटा 2026 में 200 किलोटन की कमी का अनुमान

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव की वजह से समुद्री जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। इससे न केवल तैयार एल्यूमीनियम बाहर भेजने में दिक्कत आ रही है, बल्कि कच्चा माल मंगाने में भी देरी हो रही है। खाड़ी में काम करने वाले प्रवासियों और औद्योगिक क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि लागत बढ़ने से निर्माण और अन्य जुड़े हुए व्यापार महंगे हो सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.