खाड़ी देशों में एक बार फिर से तनाव का माहौल पैदा हो गया है. बुधवार रात ईरान ने इराक़ी जलक्षेत्र में दो तेल टैंकरों को अपना निशाना बनाया है. इन टैंकरों में एक अमेरिकी स्वामित्व वाला Safesea Vishnu और दूसरा माल्टा के झंडे वाला Zefyros जहाज़ था. इस बड़े हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है, जबकि 15 अन्य भारतीयों को इराक़ी बंदरगाह अधिकारियों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया. इस घटना के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच सीधी तनातनी बढ़ गई है और वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई है.

ईरान की शर्तें और अमेरिका का कड़ा जवाब

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध ख़त्म करने के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी हैं. ईरान का कहना है कि उनके परमाणु कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी जाए और अमेरिकी और इजरायली हमलों से हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाए. इसके साथ ही ईरान ने भविष्य में कोई सैन्य कार्रवाई न होने की कानूनी गारंटी भी मांगी है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इन सभी शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है. अमेरिका ने साफ़ किया है कि यह सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक काम पूरा नहीं हो जाता. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने उत्तरी फारस की खाड़ी में सभी कमर्शियल जहाज़ों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है.

भारतीय प्रवासियों और तेल बाज़ार पर भारी असर

इस हमले का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले आम प्रवासियों और व्यापार पर पड़ रहा है. भारत के विदेश मंत्रालय ने एक भारतीय नागरिक के मारे जाने की पुष्टि की है और ईरान के साथ भारतीय जहाज़ों के सुरक्षित मार्ग के लिए बातचीत की है. हमले के तुरंत बाद इराक़ ने अपने सभी तेल बंदरगाहों पर कामकाज पूरी तरह से रोक दिया है. ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देगा. बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के साथ मिलकर 40 करोड़ बैरल तेल इमरजेंसी रिज़र्व से बाज़ार में उतारने का फैसला लिया है.

अन्य खाड़ी देशों में भी बढ़ा खतरे का दायरा

ईरान समर्थित समूहों ने अब संघर्ष का दायरा खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी बढ़ा दिया है. पिछले कुछ घंटों के अंदर दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी अरब के प्रमुख तेल क्षेत्र पर भी निशाना साधा गया है. इससे यूएई और सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है. दूसरी ओर रूस ने इस संघर्ष के कारण पैदा हुए मानवीय संकट का हवाला देते हुए तुरंत युद्धविराम की मांग की है. इस पूरे इलाके में अब तक लगभग 32 लाख लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.