कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर ईरान की तरफ से बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में पंद्रह अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की खबर है जिसकी पुष्टि अमेरिकी अधिकारियों ने की है। पिछले 24 घंटों में ईरान ने कुवैत, यूएई और जॉर्डन को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और कई जगहों पर बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुँचा है।

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कुवैत में ईरान के हमले से क्या हुआ नुकसान?

ईरान ने कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर ड्रोन से हमला किया जिसमें 15 अमेरिकी घायल हुए हैं। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में ईरान ने 14 बैलिस्टिक मिसाइल, 2 क्रूज मिसाइल और 46 ड्रोन कुवैत की सीमा में भेजे हैं। इन हमलों से कुवैत के बिजली और पानी के प्लांट को नुकसान पहुँचा है। कुवैत के एक तेल परिसर में भी ड्रोन हमले की वजह से आग लग गई लेकिन वहां किसी के घायल होने की खबर नहीं है। कुवैत में इन हमलों की वजह से कम से कम छह लोग घायल हुए हैं।

खाड़ी के अन्य देशों पर हमले और ताजा हालात

ईरान के हमले केवल कुवैत तक सीमित नहीं रहे बल्कि क्षेत्र के अन्य देशों पर भी असर पड़ा है। इसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

देश/स्थान हमले की जानकारी नुकसान या हताहत
UAE 14 मिसाइल और 19 ड्रोन दागे गए 4 नागरिक घायल हुए
जॉर्डन मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया 2 लोग घायल हुए
दुबई (जेबेल अली) इजराइल से जुड़े जहाज पर हमला संपत्ति को नुकसान
ईरान (इस्फहान) अमेरिकी विमानों के खिलाफ सैन्य अभियान 4 ईरानी अधिकारी मारे गए

ट्रम्प की चेतावनी और परमाणु सुरक्षा पर चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस स्थिति पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि ईरान का शांति प्रस्ताव काफी नहीं है। उन्होंने मंगलवार तक की समय सीमा तय की है और कहा है कि अगर 48 घंटों में समझौता नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने चेतावनी दी है कि ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हो रहे हमले खतरनाक हैं। एजेंसी के अनुसार यह परमाणु सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। पाकिस्तान ने 45 दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव दिया था जिसे ईरान ने अपनी पुरानी मांगों को दोहराते हुए खारिज कर दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.