गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल्बुदैवी ने ईरान की ओर से किए गए हमलों को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों पर अब तक 5,000 से अधिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमले किए जा चुके हैं। इन हमलों ने सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत जैसे देशों की सुरक्षा और शांति को प्रभावित किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) ने भी एक प्रस्ताव पारित कर इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना है।

किन देशों को निशाना बनाया गया और क्या हुआ असर?

महासचिव के बयान के अनुसार, ईरान ने अपने हालिया हमलों का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों की ओर केंद्रित किया। इन हमलों में खास तौर पर उन जगहों को निशाना बनाया गया जहां आम लोग रहते हैं या काम करते हैं। इसमें होटल, पानी के प्लांट, एयरपोर्ट और दूतावास शामिल हैं। इन घटनाओं में आम नागरिकों की जान गई है और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेषकर भारतीयों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि ये हमले सीधे तौर पर ऊर्जा सप्लाई और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।

मिसाइल और ड्रोन हमलों के आधिकारिक आंकड़े क्या हैं?

विभिन्न खाड़ी देशों की एयर डिफेंस प्रणालियों ने इन हमलों को नाकाम करने में बड़ी भूमिका निभाई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अलग-अलग देशों पर हुए हमलों का विवरण नीचे दिया गया है:

देश का नाम मिसाइलों की संख्या ड्रोन की संख्या
UAE (यूएई) 353 (बैलिस्टिक और क्रूज) 1,740
Saudi Arabia (सऊदी अरब) 49 (बैलिस्टिक और क्रूज) 575
Bahrain (बहरीन) 143 244
Kuwait (कुवैत) 9 (24 घंटे के भीतर) 4

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या कार्रवाई की जा रही है?

संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के इन कदमों को अवैध बताया है और तुरंत हमले रोकने की मांग की है। बहरीन की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव को 100 से अधिक देशों ने अपना समर्थन दिया है। महासचिव ने ईरान पर यह भी आरोप लगाया कि वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से गलत तरीके से ट्रांजिट फीस वसूल रहा है। सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 के जरिए ईरान को अपनी उकसावे वाली कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया है ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा बनी रहे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.