ईरान की सेना (IRGC) ने रविवार तड़के चार अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया है। यह हमले UAE, बहरीन, कुवैत और इराक में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हैं। ईरानी सेना का दावा है कि उन्होंने 80 प्रतिशत अहम रडार और कमांड सेंटर को तबाह कर दिया है। दूसरी तरफ इस्राइल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में भारी हमले किए हैं, जिसमें 14 लोगों की जान चली गई है। गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है और आम जीवन पर भी इसका असर पड़ सकता है।

किन देशों में हुआ हमला और क्या है नुकसान?

ईरान ने अपने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अमेरिका के चार एयरबेस को निशाना बनाया है। इस हमले में मुख्य रूप से इन एयरबेस को टारगेट किया गया:

  • Al Dhafra Air Base: यह बेस UAE में स्थित है।
  • Sheikh Isa Air Base: यह बेस बहरीन में है।
  • Al Udeiri Helicopter Base: यह कुवैत में मौजूद है।
  • Al-Harir Air Base: यह इराक के इरबिल में स्थित है।

ईरानी सेना के मुताबिक उन्होंने इन एयरबेस के एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर और फ्यूल टैंक को भारी नुकसान पहुंचाया है। अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले के बाद अपने बचाव की तैयारी तेज कर दी है।

लेबनान में इस्राइली हमले और नई पाबंदियां

एक तरफ ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमला किया, वहीं इस्राइल ने लेबनान के नबातिएह और दूसरे इलाकों में हवाई हमले किए हैं। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक इन हमलों में चार बच्चों सहित 14 लोगों की मौत हुई है।

इस्राइली सेना ने बेरूत के कई इलाकों को तुरंत खाली करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही समंदर में जहाजों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नया नियम लागू किया है। अब अमेरिका और इस्राइल से जुड़े कमर्शियल जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, बाकी देशों के जहाज बिना किसी रोक-टोक के आ-जा सकेंगे।

हमले में इस्तेमाल मिसाइल और खर्च का ब्यौरा

इस युद्ध में मिसाइल और ड्रोन पर भारी खर्च हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के पहले 100 घंटों में ही एयर डिफेंस पर 1.7 बिलियन डॉलर खर्च हो चुके हैं।

नीचे दिए गए टेबल में हथियारों की अनुमानित कीमत बताई गई है:

हथियार का नाम अनुमानित कीमत
Shahed Drone (ईरान) $20,000 से $50,000
Emad Missile (ईरान) $250,000 प्रति यूनिट
Iron Dome (इस्राइल) $20,000 से $150,000
THAAD (अमेरिका) $13 मिलियन प्रति यूनिट

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ किया है कि जब तक दुश्मन हार नहीं जाता, तब तक अमेरिकी सेना अपनी कार्रवाई जारी रखेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.