सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर मार्च 2026 में ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि हुई है. इन हमलों में अमेरिकी सेना के कई आधुनिक रडार और विमानों को निशाना बनाया गया है जिससे करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ है. इस घटना में अमेरिका के 10 से ज्यादा सैनिक घायल हुए हैं और सैन्य उपकरणों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अपने मिसाइल और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करके भारी तबाही मचाई है.

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हमले में अमेरिकी सेना को क्या-क्या नुकसान हुआ है

सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए इस हमले में कई महत्वपूर्ण संपत्तियां बर्बाद हुई हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सीधे तौर पर सब कुछ स्पष्ट नहीं किया है लेकिन रिपोर्ट में संपत्तियों के नुकसान की जानकारी सामने आई है. मुख्य नुकसान इस प्रकार हैं:

सैन्य संपत्ति नुकसान का विवरण अनुमानित कीमत
E-3 Sentry AWACS एक विमान पूरी तरह नष्ट $300 मिलियन से $1 बिलियन
AN/TPY-2 THAAD रडार रडार सिस्टम क्षतिग्रस्त $500 मिलियन से $1 बिलियन
KC-135 विमान 3 नष्ट और 5 क्षतिग्रस्त करोड़ों डॉलर
सैनिकों की हताहत 12 सैनिक घायल, 1 की मौत

रडार सिस्टम और हमलों से जुड़ी मुख्य बातें

  • हवाई रडार का विनाश: हमलों में नष्ट हुआ E-3 Sentry AWACS एक उड़ता हुआ रडार सिस्टम है जो दुश्मन की हरकतों पर नज़र रखता है.
  • THAAD रडार को चोट: प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर मौजूद THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम का AN/TPY-2 रडार भी हमले में बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
  • हमलों की टाइमिंग: यह हमले मार्च 2026 के दौरान कई चरणों में किए गए थे जिसमें 27 मार्च का हमला सबसे घातक रहा है.
  • खुफिया जानकारी का शक: कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान को हमलों से पहले सेटेलाइट डेटा और खुफिया जानकारी मिली थी जिससे हमले सटीक हुए.
  • सैनिकों पर असर: 1 मार्च को हुए हमले में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हुई थी जबकि बाद के हमलों में दर्जन भर सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए.

प्रिंस सुल्तान एयरबेस सऊदी अरब का एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है जहां अमेरिकी सेना तैनात रहती है. इस हमले के बाद खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है क्योंकि यह अमेरिका के सबसे महंगे सुरक्षा सिस्टमों में से एक पर सीधा हमला है. सऊदी अरब और कतर के एयरबेस पर हुए इन हमलों ने आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम की क्षमता पर भी नई बहस छेड़ दी है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com